पीलीभीत पूरनपुर गोरा । इबादत, बरकत और मगफिरत का मुकद्दस महीना रमजान अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। शुक्रवार को जनपद की तमाम मस्जिदों में जुमातुल अलविदा की नमाज अकीदत और एहतराम के साथ अदा की गई। रमजान के इस आखिरी जुमे के मौके पर खुदा की बारगाह में सजदा करने के लिए नमाजियों का सैलाब उमड़ पड़ा। नमाज के बाद जब इमामों ने अलविदा का खुत्बा पढ़ा, तो माह-ए-रमजान की रुखसती के अहसास से अकीदतमंदों की आंखें नम हो गईं। मस्जिदों में हुई तकरीरों के दौरान उलेमाओं ने रमजान की फजीलत पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि यह वह मुबारक महीना है जिसमें एक नेकी करने पर सत्तर गुना सवाब मिलता है और तौबा के दरवाजे खुले रहते हैं।उलेमाओं ने जोर दिया कि भले ही रमजान विदा हो रहा है, लेकिन इस महीने में सीखी गई नेकियां और इबादत का सिलसिला पूरे साल जारी रहना चाहिए। लोगों से अपने गुनाहों की माफी मांगने और नेक राह पर चलने का आह्वान किया गया। शहर की विभिन्न मस्जिदों में सुप्रसिद्ध उलेमाओं ने नमाज की इमामत की गोरा के जामा मस्जिद के इमाम कमर हाफिज साहब नूरी मस्जिद के इमाम हाफिज मरगूब साहब मदीना मस्जिद के इमाम हाफिज इस्लाम साहब नूरी मस्जिद में भीनी भीनी आवाज से नातिया कलाम हाफिज सरफराज ने सुनाया पूरनपुर जिसमें गरीब नवाज मस्जिद में हाफिज नाजिम रजा, मस्जिद गुलजार-ए-फरीद में हाफिज कमर महबूब, रजवी मस्जिद में हाफिज उस्मान नूरी, खानकाह रजविया में हाफिज उस्मान, शाहजी मस्जिद में हाफिज अब्दुल हसीब, सिद्दीकी अकबर मस्जिद में मौलाना जावेद बरकाती, साबरी मस्जिद में हाफिज जाकिर नूरी ने नमाज अदा कराई। नमाज के बाद सामूहिक दुआ में देश की तरक्की, खुशहाली और आपसी भाईचारे की मिन्नतें की गईं।वहीं, पैगाम-ए-अमन काउंसिल के सदर तौफीक अहमद कादरी ने समाज को एक मजबूत संदेश देते हुए अपील की कि लोग अपनी गाढ़ी कमाई से जकात और सदका निकालकर गरीब, यतीम, बेसहारा और विधवा महिलाओं की मदद करें। उन्होंने कहा कि हमारी असली ईद तभी होगी जब हमारे आसपास के जरूरतमंद और मदरसों में पढ़ने वाले बच्चे भी खुशियों में बराबर के शरीक होंगे।
ब्यूरो चीफ लुकमान खान पीलीभीत

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