भगवंतनगर (उन्नाव)। 16 दिनों तक गांव-गांव, घर-घर पहुंचकर गंगा संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन, सामाजिक समरसता, सनातन संस्कृति, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिला सशक्तिकरण एवं युवा जागरण का अलख जगाने वाली अनुराग त्रिवेदी की 16 दिवसीय 'गंगा पद यात्रा' का भव्य समापन हो गया। समापन समारोह में उमड़े भारी जनसैलाब, अगाध श्रद्धा और उत्साह ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
दिवंगत साथी पिंटू यादव को अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि
समापन समारोह का शुभारंभ अत्यंत भावुक और श्रद्धापूर्ण वातावरण में हुआ। गंगा पद यात्रा के अभिन्न साथी एवं युवा समाजसेवी स्वर्गीय पिंटू यादव जी के मार्ग दुर्घटना में हुए असामयिक निधन पर उपस्थित सभी संत-महात्माओं, विशिष्ट अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, पदयात्रियों एवं हजारों श्रद्धालुओं ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस मौके पर अनुराग त्रिवेदी ने भावुक होते हुए कहा कि "पिंटू यादव जी भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी आत्मीय मुस्कान, सेवा-भाव और निष्ठा सदैव इस अभियान का हिस्सा बनी रहेगी। उनके अधूरे सेवा-संकल्पों को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।"
भारी बारिश के बीच गूंजे "हर-हर गंगे" के जयकारे
समापन समारोह एवं भव्य गंगा आरती के दौरान मूसलाधार वर्षा शुरू हो गई, लेकिन भारी बारिश भी श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह को डिगा नहीं सकी। बारिश की बूंदों के बीच भी हजारों की संख्या में युवा, मातृशक्ति और क्षेत्रवासी डटे रहे। पूरा परिसर "हर-हर गंगे", "जय श्रीराम" और "भारत माता की जय" के गगनभेदी उद्घोष से गुंजायमान रहा।
मंच पर जुटे देश के प्रख्यात संत और शीर्ष विचारक
इस पावन अवसर पर देश के कोने-कोने से आए पूज्य संतों और राष्ट्र विचारकों ने अपने प्रेरणादायी आशीर्वचनों से समारोह को गौरवान्वित किया:
- पूज्य श्री रामाशीष जी (राष्ट्रीय संगठन मंत्री, गंगा समग्र एवं वरिष्ठ प्रचारक, RSS): "अनुराग त्रिवेदी एवं उनकी समर्पित टीम ने 16 दिनों तक केवल पदयात्रा नहीं की, बल्कि गांव-गांव पहुंचकर गंगा संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप देने का ऐतिहासिक कार्य किया है।"
- श्रद्धेय डॉ. आशीष गौतम जी (राष्ट्रीय महामंत्री, गंगा समग्र एवं संस्थापक, दिव्य प्रेम सेवा मिशन, हरिद्वार): "तपती धूप, कठिन मार्ग और निरंतर जनसंपर्क के बीच इस टीम ने जिस सेवा, अनुशासन और समर्पण का परिचय दिया, वह वास्तव में वंदनीय है।"
- स्वामी सुशील गिरी जी (मानव निर्माण अभियान चैरिटेबल ट्रस्ट): "अनुराग त्रिवेदी एवं उनकी युवा टीम ने यह सिद्ध कर दिया है कि सच्चा संकल्प, सेवा और समाज के प्रति समर्पण किसी भी अभियान को जनआंदोलन बना सकता है।"
- परम पूज्य देवेश कृष्ण सच्चिदानंद जी (प्रख्यात कथाव्यास): "यह 16 दिवसीय गंगा पद यात्रा केवल पैरों से तय की गई दूरी नहीं, बल्कि हृदयों को जोड़ने वाली आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना की यात्रा है।"
यह यात्रा किसी व्यक्ति की नहीं, जन-जन की है: अनुराग त्रिवेदी
अपने संबोधन में मुख्य संयोजक अनुराग त्रिवेदी ने क्षेत्र की जनता का आभार जताते हुए कहा कि "यह यात्रा किसी व्यक्ति की नहीं, बल्कि जन-जन की यात्रा रही है। गांव-गांव से मिले प्रेम, आशीर्वाद और सहयोग ने इस अभियान को एक जनआंदोलन बना दिया। हम सब मिलकर गंगा संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, मातृशक्ति के सम्मान और सनातन संस्कृति के जागरण का यह अभियान निरंतर आगे बढ़ाते रहेंगे।"
अद्भुत और अलौकिक रही गंगा मैया की महाआरती
इसके उपरांत भारी वर्षा के बीच वैदिक मंत्रोच्चार, दीपों की दिव्य आभा और "हर-हर गंगे" के जयघोष के साथ भव्य गंगा आरती संपन्न हुई। दीपों की स्वर्णिम आभा और वर्षा की फुहारों के अद्भुत संगम ने बक्सर घाट पर ऐसा अलौकिक दृश्य प्रस्तुत किया, जिसने इस ऐतिहासिक समापन समारोह को हमेशा-अधिशासी और अविस्मरणीय बना दिया।
यह समापन केवल एक कार्यक्रम का अंत नहीं, बल्कि सेवा, संस्कार, गंगा संरक्षण, सामाजिक समरसता और सनातन चेतना के एक नए युग का उद्घोष सिद्ध हुआ है।
रिपोर्ट: हिमांशु शुक्ला, ब्यूरो (उन्नाव)
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