राजस्व न्यायालय का बड़ा फैसला: गलत खारिज-दाखिल आदेश निरस्त, SDM बल्दीराय की सख्त कार्रवाई

​बल्दीराय, सुलतानपुर। तहसील बल्दीराय के राजस्व विभाग में नियमविरुद्ध तरीके से किए गए नामांतरण (खारिज-दाखिल) के मामले में उप जिलाधिकारी (SDM) ने कड़ा रुख अपनाया है। 'इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़' की पड़ताल के अनुसार, तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा रैंचा (भवानीगढ़ बाजार) से जुड़े एक भूमि विवाद में पूर्व में पारित तहसीलदार के आदेश को शून्य घोषित करते हुए निरस्त कर दिया गया है। इस फैसले से पीड़ित पक्ष को बड़ी विधिक राहत मिली है।

​क्या है पूरा मामला?
​मामला ग्राम रैंचा स्थित गाटा संख्या 1616 से जुड़ा है। प्राप्त विवरण के अनुसार, श्रीमती अर्चना पत्नी राजेश अग्रहरि ने 18 अगस्त 2023 को उक्त भूमि का एक बैनामा पंजीकृत कराया था। विपक्षी पक्ष का आरोप था कि इस बैनामे में भूमि की 'चौहद्दी' (Boundaries) को गलत तरीके से प्रदर्शित कर प्रशासनिक मशीनरी को कथित रूप से भ्रमित किया गया। इसी आधार पर 7 फरवरी 2024 को विवादित खारिज-दाखिल की प्रक्रिया संपन्न हुई थी।
​न्यायालय में दी गई चुनौती
​इस प्रक्रिया को नियमविरुद्ध बताते हुए स्थानीय निवासी उमेश चंद्र पाण्डेय ने 27 फरवरी 2024 को उप जिलाधिकारी बल्दीराय के न्यायालय में अपील दायर की। 'इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़' को मिली जानकारी के मुताबिक, याचिकाकर्ता ने साक्ष्यों के साथ यह तर्क रखा कि नामांतरण की प्रक्रिया में तथ्यों की अनदेखी की गई है।
​SDM की सख्ती और जांच का परिणाम
​राजस्व न्यायालय ने मामले की गंभीरता और सार्वजनिक हित को देखते हुए अभिलेखों की सूक्ष्म जांच कराई। न्यायालय ने पाया कि:
​नामांतरण की प्रक्रिया में विधिक त्रुटियां मौजूद थीं।
​तथ्यों का मिलान राजस्व रिकॉर्ड से पूर्णतः सुसंगत नहीं था।
​जांच के निष्कर्षों के आधार पर, एसडीएम बल्दीराय ने तहसीलदार द्वारा 19 जनवरी 2026 को पारित किए गए खारिज-दाखिल आदेश को विधिक रूप से दोषपूर्ण मानते हुए तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।
​विधिक परामर्श नोट: यह समाचार न्यायालय में प्रस्तुत तथ्यों और पारित आदेश के आधार पर रिपोर्ट किया गया है। इसका उद्देश्य किसी पक्ष की छवि धूमिल करना नहीं, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया की जानकारी साझा करना है।
निष्कर्ष
​एसडीएम की इस कार्रवाई से भू-माफियाओं और गलत तरीके से भूमि हड़पने की फिराक में रहने वाले तत्वों में हड़कंप है। 'इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़' प्रशासन के इस कदम को पारदर्शिता की दिशा में एक बड़ा बदलाव मानता है।
​रिपोर्ट: जय प्रकाश सिंह (बल्दीराय)

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