अयोध्या।
करीब 9 साल के लंबे अंतराल के बाद कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के दोबारा आगमन की सुगबुगाहट तेज हो गई है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की प्रबल चर्चा है कि आगामी 23 जनवरी को राहुल गांधी रामनगरी की धरती पर कदम रख सकते हैं। दरअसल, रक्षा मंत्रालय की 32 सदस्यीय संसदीय स्थाई समिति का अयोध्या दौरा प्रस्तावित है, जिसमें राहुल गांधी का नाम भी शामिल है। पूर्व केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह की अध्यक्षता वाली यह समिति अयोध्या कैंट क्षेत्र के निरीक्षण के लिए पहुंच रही है, लेकिन माना जा रहा है कि इस दौरान सदस्य नवनिर्मित भव्य राम मंदिर में रामलला के दर्शन भी करेंगे।यदि राहुल गांधी इस दौरे पर आते हैं, तो सितंबर 2016 के बाद यह उनकी पहली अयोध्या यात्रा होगी। पिछली बार वे अपनी 'देवरिया से दिल्ली' किसान यात्रा के दौरान यहां आए थे और केवल हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन किया था। तब से लेकर अब तक सरयू के तट पर काफी कुछ बदल चुका है और रामलला अपने भव्य मंदिर में विराजमान हो चुके हैं। हालांकि, अभी तक कांग्रेस की ओर से उनके इस कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन संसदीय दल की सूची में उनका नाम होने ने जिले के प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया है। कैंटोनमेंट बोर्ड और स्थानीय प्रशासन इस वीआईपी भ्रमण की तैयारियों में जुट गया है।सियासी नजरिए से भी इस संभावित दौरे को बेहद अहम माना जा रहा है। 2024 में राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के निमंत्रण को अस्वीकार करने के बाद राहुल गांधी का यह अयोध्या आगमन विपक्षी खेमे की रणनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत दे सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या राहुल गांधी इस बार सीधे रामलला के दरबार में हाजिरी लगाएंगे। उत्तर प्रदेश की राजनीति और आगामी चुनावों के समीकरणों को देखते हुए, राहुल गांधी का यह कदम पूरे देश में एक नया विमर्श पैदा कर सकता है।
इंडिया की सोच बुलंद से तहसील रिपोर्टर ज्ञानेंद्र तिवारी अयोध्या
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