उन्नाव: प्रवासी श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा और संरक्षण पर जिला स्तरीय समन्वय बैठक संपन्न, 'रोज़ा' संस्था की पहल पर जुटे कई विभाग

उन्नाव। जनपद के सिकंदरपुर सरोसी ब्लॉक में रूरल ऑर्गेनाइजेशन फॉर सोशल एडवांसमेंट (ROSA) द्वारा Migrant Resilience Collaborative (MRC) परियोजना के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। “गरिमा के साथ जीवन हेतु समन्वय: प्रवासी श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा एवं संरक्षण सुनिश्चित करना” विषय पर आधारित इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रवासी श्रमिकों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना और उनकी समस्याओं का त्वरित व प्रभावी निस्तारण करना रहा।

इन प्रमुख विभागों के प्रतिनिधियों ने की सहभागिता

​प्रवासी श्रमिकों के कल्याण और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में शासन-प्रमिशन के कई महत्वपूर्ण विभागों ने हिस्सा लिया। बैठक में मुख्य रूप से:

  • ​खंड विकास अधिकारी (BDO) एवं श्रम विभाग के अधिकारी
  • ​जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के प्रतिनिधि
  • ​एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (AHT) इकाई के अधिकारी
  • ​समाज कल्याण विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग
  • ​पंचायती राज विभाग, सहायक विकास अधिकारी और पंचायत सहायक
  • ​ब्लॉक मिशन मैनेजर तथा ROSA संस्थान की MRC परियोजना टीम।

मजदूर हेल्पलाइन और श्रमिक संरक्षण के मुद्दों पर हुई विस्तृत चर्चा

​कार्यक्रम का शुभारंभ ROSA संस्थान के फील्ड ऑफिसर श्री दिव्य प्रकाश द्वारा सभी अतिथियों के स्वागत और बैठक की रूपरेखा प्रस्तुत करने के साथ हुआ। इसके बाद संस्थान के जिला समन्वयक श्री मोहम्मद अब्दुल्लाह ने संस्था एवं MRC परियोजना के उद्देश्यों और अब तक की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।

​उन्होंने पिछली तिमाही के दौरान प्रवासी श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने और मजदूर हेल्पलाइन 1800-1201-1211 के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की प्रगति रिपोर्ट पेश की। बैठक में श्रमिकों के मजदूरी भुगतान, कार्यस्थल पर होने वाले शोषण तथा श्रमिक संरक्षण से संबंधित मामलों की जिला स्तरीय वास्तविक स्थिति को सबके सामने रखा गया।

शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए बनेगा समन्वित तंत्र

बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने प्रवासी श्रमिकों के सामने आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों और योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं पर खुले तौर पर अपने विचार साझा किए। सभी संबंधित विभागों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि प्रवासी श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा और उनकी शिकायतों के समयबद्ध समाधान के लिए आपसी समन्वय को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।

लिया गया बड़ा निर्णय:

बैठक के अंत में सामूहिक रूप से यह निर्णय लिया गया कि जिले के भीतर प्रवासी श्रमिकों के कल्याण और संरक्षण के लिए एक प्रभावी एवं समन्वित तंत्र (मजबूत सिस्टम) विकसित किया जाएगा, जिससे जिले के अधिक से अधिक श्रमिकों तक सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ शत-प्रतिशत पहुँचाया जा सके।

रिपोर्ट: हिमांशु शुक्ला, ब्यूरो (उन्नाव)

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