ब्रेकिंग न्यूज़: बल्दीराय में मिड-डे मील योजना में बड़ी अनियमितता का खुलासा, कागजों पर दौड़ रहे 'फर्जी' छात्र


 बल्दीराय, सुलतानपुर: उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मिड-डे मील (एमडीएम) योजना में धांधली की एक बेहद गंभीर रिपोर्ट सामने आ रही है। इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ की विशेष पड़ताल में बल्दीराय विकास खंड के अंतर्गत आने वाले विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति को लेकर बड़े स्तर पर हेरफेर के संकेत मिले हैं। आरोप है कि स्थानीय शिक्षा विभाग की निगरानी में ढिलाई के चलते सरकारी बजट और खाद्यान्न का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया जा रहा है।

छात्र 54 और उपस्थिति 144: रजिस्टर में जादुई आंकड़ा

इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ को स्थानीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, क्षेत्र के कुछ विद्यालयों में उपस्थिति दर्ज करने के नाम पर चौंकाने वाला खेल चल रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक, जिन विद्यालयों में छात्रों की वास्तविक भौतिक उपस्थिति मात्र 54 पाई गई, वहां के आधिकारिक अभिलेखों और एमडीएम पंजिका में 144 छात्रों की उपस्थिति दर्ज की जा रही है। यह अंतर सीधे तौर पर योजना के तहत मिलने वाली कन्वर्जन कॉस्ट और खाद्यान्न की बंदरबांट की ओर इशारा कर रहा है।

निगरानी तंत्र पर उठे सवाल: खंड शिक्षा अधिकारी की कार्यप्रणाली चर्चा में

इस पूरे प्रकरण में खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय की भूमिका पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ को ग्रामीणों ने बताया कि अधिकारियों की नाक के नीचे यह फर्जीवाड़ा लंबे समय से चल रहा है, लेकिन नियमित निरीक्षण और डेटा मिलान न होने के कारण दोषियों के हौसले बुलंद हैं। अभिभावकों का आरोप है कि उचित मॉनिटरिंग के अभाव में सरकारी खजाने को चूना लगाया जा रहा है, जबकि इसका लाभ पात्र बच्चों तक पूर्ण रूप से नहीं पहुंच रहा है।

सरकारी बजट के दुरुपयोग की आशंका, ग्रामीणों में भारी रोष

एमडीएम योजना में इस प्रकार की कथित अनियमितताओं ने सरकारी तंत्र की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ के माध्यम से प्रशासन से मांग की है कि विद्यालयों के उपस्थिति रजिस्टर और वास्तविक छात्रों की संख्या की गहनता से जांच कराई जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि डेटा फीडिंग और धरातल की स्थिति में इतना बड़ा अंतर है, तो यह एक सुनियोजित वित्तीय अनियमितता का हिस्सा हो सकता है।

निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की उठ रही मांग

भ्रष्टाचार के इन गंभीर आरोपों के बाद अब सबकी नजरें जिले के उच्चाधिकारियों पर टिकी हैं। इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ के अनुसार, क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों ने जिलाधिकारी और बेसिक शिक्षा अधिकारी से इस मामले में हस्तक्षेप कर दोषियों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की है। अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इन शिकायतों पर क्या रुख अपनाते हैं और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता लाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

स्थान: बल्दीराय, सुलतानपुर

रिपोर्टर: राजमणि पांडे (इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़)

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