अयोध्या। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के गौरवशाली अवसर पर धर्मनगरी अयोध्या के मोतीबाग स्थित आभा होटल में एक अत्यंत प्रेरणादायी एवं भव्य समारोह ‘स्वयंसिद्धा सम्मान’ का आयोजन किया गया। इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, शहीद भगत सिंह ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली 64 महिलाओं को सम्मानित किया गया। 'नई सदी – नई स्त्री – नई संभावनाएं' विषय पर आयोजित संगोष्ठी ने आधुनिक समाज में महिलाओं की बदलती भूमिका और उनके अधिकारों पर एक नई बहस छेड़ दी है।
संगोष्ठी: नई सदी की स्त्री और उभरती चुनौतियां
कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 10 बजे युवा संगीतज्ञ रमा वर्मा के सुमधुर बांसुरी वादन के साथ हुआ। इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ को मिली जानकारी के अनुसार, संगोष्ठी की अध्यक्षता एन.डी.कृ.वि.वि., कुमारगंज से सेवानिवृत्त वैज्ञानिक प्रोफेसर डॉ. निशात अख़्तर ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. अख़्तर ने स्पष्ट किया कि भारतीय परिवेश में स्त्री आंदोलन के संदर्भ वैश्विक स्तर से भिन्न हैं। उन्होंने आधुनिक महिलाओं को सचेत करते हुए कहा कि स्वतंत्रता और स्वच्छंदता के बीच के महीन अंतर को समझना अनिवार्य है। उन्होंने महिलाओं से एकजुट होकर न्याय और समानता के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. पूनम सूद ने कहा कि वर्तमान समय की चुनौतियों का सामना करने के लिए महिलाओं को पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर नए समाज के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभानी होगी। विशिष्ट अतिथि ममता सिंह (सुलुतानपुर) ने जोर देकर कहा कि महिला दिवस पुरुषों के विरोध का नहीं, बल्कि सह-अस्तित्व और सम्मान का प्रतीक है।
बौद्धिक विमर्श और वैचारिक मंथन
विषय प्रवर्तन करते हुए कवि एवं प्राध्यापक डॉ. विशाल श्रीवास्तव ने नारीवादी आंदोलन के क्रमिक विकास पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अब मांग केवल मतदान तक सीमित नहीं है, बल्कि वित्तीय और राजनीतिक सशक्तिकरण आज की मुख्य जरूरत है। इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ के प्रतिनिधि से वार्ता में नाज़िश फातिमा ने अल्पसंख्यक महिलाओं की समस्याओं और उनकी वित्तीय स्वतंत्रता के संवदेनशील पहलुओं को रेखांकित किया।
ट्रस्ट के चेयरमैन सत्यभान सिंह ने स्वागत भाषण के दौरान शहीद भगत सिंह के क्रांतिकारी आदर्शों का उल्लेख करते हुए डिजिटल युग में महिलाओं के नेतृत्व की सराहना की। ट्रस्ट की सदस्य पूजा श्रीवास्तव और ऋतु राठौर ने भी अपने ओजस्वी विचारों से उपस्थित जनसमूह को प्रेरित किया।
64 विभूतियों का 'स्वयंसिद्धा सम्मान' से अलंकरण
द्वितीय सत्र में सम्मान समारोह का आयोजन हुआ, जिसमें समाज के 9 प्रमुख क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाने वाली 64 महिलाओं को प्रमाण-पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ द्वारा संकलित प्रमुख सम्मानितों की सूची निम्नवत है:
कानूनी सेवा: एडवोकेट भारती सिंह एवं एडवोकेट सुरभि त्रिपाठी।
शिक्षा: डॉ. नीरजा पांडेय, डॉ. अलका सिंह, डॉ. रचना श्रीवास्तव, अंजुला पाठक, अर्चना सिंह, अर्चना गोस्वामी, डॉ. ममता सिंह, कहकशां अय्यूब, किरण द्विवेदी, ममता सिंह, निशि विद्यार्थी, प्रिया त्रिपाठी एवं विभा पांडेय।
सामाजिक कार्य: अमिता सिंह, अनिता पाठक, अंजनी मौर्य, आराधना सिंह, आशा नंदा, बबीता राज, बंदना मौर्य, बीना श्रीवास्तव, इंद्रावती, ज्योति बत्रा, खुशबू शर्मा, ममता साहू, मंजू मौर्य, नाजिश फातिमा, ओमवती, पल्लवी वर्मा, पूजा वर्मा, पूनम पांडेय, रंजना शुक्ला, रानू सिंह, रीना श्रीवास्तव, रेनू सिंह, रेशमा बानो, ऋतु सिंह राठौर, रोशनी यादव, साक्षी वासवानी, संगम यादव, सत्य प्रभा, सरिता सिंह, सीमा सिंह, शिवानी सिंह, श्यामा शर्मा एवं उषा विद्यार्थी।
चिकित्सा एवं बैंकिंग: डॉ. आकांक्षा सिंह (चिकित्सा) एवं डॉ. अदिति सिंह (बैंकिंग)।
पत्रकारिता एवं कला: ज्योति जायसवाल, कुमकुम भाग्य, मिताली रस्तोगी (पत्रकारिता) तथा नसीम जहरा (चित्रकला) एवं रमा वर्मा व सपना बंसल (संगीत)।
अन्य क्षेत्र: कमलेश आनंद (व्यवसाय), सुनीता पाठक (सांस्कृतिक) एवं सुनीता सिंह (ट्रेड यूनियन)।
प्रतिष्ठित जनों की गरिमामयी उपस्थिति
आयोजन के सफल संयोजन में ट्रस्ट की सचिव साधना सिंह की मुख्य भूमिका रही, जबकि संचालन वरिष्ठ शायर मुजम्मिल फिदा ने अपनी विशिष्ट काव्यात्मक शैली में किया। इस भव्य समारोह में साहित्यकार सी.बी. भारती, आर.डी. आनंद, आशाराम जागरथ, नीरज सिन्हा नीर, रामदास सरल, बृजेश श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। साधना सिंह ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आयोजन नारी शक्ति के अदम्य साहस का उत्सव है।
तहसील रिपोर्टर: ज्ञानेंद्र तिवारी
स्थान: अयोध्या
प्रस्तुति: इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़

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