बल्दीराय: 'दो अक्षर के जाप से खुलते हैं मोक्ष के द्वार', श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ा जनसैलाब


 बल्दीराय, सुलतानपुर।

जनपद सुलतानपुर के बल्दीराय कस्बे में भक्ति की अविरल धारा बह रही है। यहाँ स्थित रामलीला मैदान में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस पर श्रद्धालुओं का भारी जनसमूह उमड़ा। इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, कथा व्यास पंडित ज्ञानेंद्र तिवारी ने अपनी ओजस्वी वाणी से भक्तों को जीवन की सार्थकता और मुक्ति के मार्ग से अवगत कराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईश्वर के नाम के मात्र दो अक्षरों का जाप ही मनुष्य को इस भवसागर से पार लगाने के लिए पर्याप्त है।

मृत्यु समय का चिंतन तय करता है अगला जन्म: पंडित ज्ञानेंद्र तिवारी

कथा के दौरान व्यासपीठ से पंडित ज्ञानेंद्र तिवारी ने आध्यात्मिक गूढ़ रहस्यों को सुलझाते हुए कहा कि मनुष्य का अंतिम समय जिस विषय के चिंतन में व्यतीत होता है, उसे अगले जन्म में उसी योनि की प्राप्ति होती है। इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ के माध्यम से उन्होंने संदेश दिया कि परमात्मा का नाम मुख से निकलना ईश्वर की विशेष अनुकंपा का ही परिणाम है। संतों का सानिध्य भी भाग्यशाली व्यक्तियों को ही प्राप्त होता है।

भक्त ध्रुव और प्रह्लाद के चरित्र का जीवंत वर्णन

तृतीय दिवस की कथा में राजा उत्तानपाद, बालक ध्रुव, भक्त प्रह्लाद और अजामिल के प्रसंगों का सजीव चित्रण किया गया। कथा व्यास ने समाज को मर्यादित जीवन जीने की प्रेरणा देते हुए कहा कि जो व्यक्ति अपने माता-पिता, गुरु और वृद्धजनों (सास-ससुर) की सेवा निस्वार्थ भाव से करता है, वह कभी भी दुर्गति का पात्र नहीं बनता। इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ को जानकारी मिली कि उन्होंने हर घर के आंगन में तुलसी का पौधा लगाने पर विशेष जोर दिया, क्योंकि शास्त्रों के अनुसार जहाँ तुलसी का वास होता है, वहाँ नकारात्मक शक्तियाँ और संकट प्रवेश नहीं कर पाते।

अवधी भजनों पर देर रात तक झूमे श्रद्धालु

कथा के बीच-बीच में प्रस्तुत किए गए सुमधुर अवधी भजनों ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। "तू चली गयउ हो धोखा दै के जवानी", "निर्मोही पिया नाहीं आए सखी", और "रे मनुवा खेती करो हरि नाम की" जैसे पारंपरिक भजनों की धुनों पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे। इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ के अनुसार, इन भजनों ने कथा में आए भक्तों को भावविभोर कर दिया और समूचा पंडाल 'गोविंद हरे गोपाल हरे' के जयकारों से गुंजायमान रहा।

प्रमुख हस्तियों और भक्तों की गरिमामयी उपस्थिति

इस धार्मिक अनुष्ठान में क्षेत्र के अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की। तृतीय दिवस की मुख्य आरती मुख्य यजमान हरिप्रसाद एवं अशोक अग्रहरि द्वारा संपन्न की गई। कार्यक्रम में:

जिला संघचालक डॉ. अवधेश त्रिपाठी

बाजार मालिक अमरजीत सिंह ‘कल्लू’

आशीष चंद्र चौबे, राजमणि पांडेय

जितेंद्र कुमार सिंह ‘फौजी’, सत्य प्रकाश

अनिल अग्रहरि, श्रीमती लक्ष्मी, मनीष अग्रहरि

श्रीमती नीलम, श्रद्धा अग्रहरि, लक्ष्मी अग्रहरि, लालजी अग्रहरि

के.पी. सिंह, शेषनाथ सिंह, अशोक सिंह

अग्रदीप अग्रहरि, रंगेश अग्रहरि, आर.पी. सिंह

मास्टर शिव कुमार, कंसराज जायसवाल, बलबीर यादव, रामतीर्थ यादव, विजय प्रताप सिंह

सहित सैकड़ों की संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे उपस्थित रहे। इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ के प्रतिनिधि ने बताया कि समस्त क्षेत्रवासी इस आध्यात्मिक आयोजन से अत्यधिक उत्साहित और लाभान्वित नजर आ रहे हैं।

स्थान: रामलीला मैदान, बल्दीराय, सुलतानपुर

रिपोर्टर: जय प्रकाश सिंह

संस्थान: इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़

Post a Comment

0 Comments