सुल्तानपुर: शारदा सहायक नहर के उफान से 10 गांवों पर मंडराया जल प्रलय का खतरा, विभाग की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल


 सुल्तानपुर (बल्दीराय): उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जनपद से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ प्रशासनिक उदासीनता ग्रामीणों के लिए बड़ी मुसीबत का सबब बन सकती है। इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ के संज्ञान में आया है कि बल्दीराय तहसील क्षेत्र के अंतर्गत शारदा सहायक खंड-16 की डबल नहर पिछले तीन दिनों से उफान पर है। जलस्तर में अनियंत्रित बढ़ोतरी के कारण गोविंदपुर क्षेत्र के पास नहर का पानी ओवरफ्लो होकर दूसरी नहर में समाहित हो रहा है, जिससे क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका गहरा गई है।

तटबंधों पर बढ़ता दबाव, दहशत में ग्रामीण

घटनास्थल हर्ष महाविद्यालय के समीप बताया जा रहा है, जहाँ पानी का भारी दबाव नहर के संतुलन को बिगाड़ रहा है। स्थानीय निवासियों ने इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ को बताया कि यदि समय रहते जल प्रवाह को नियंत्रित नहीं किया गया और तटबंधों की सुरक्षा पुख्ता नहीं की गई, तो गोविंदपुर सहित आसपास के 10 गांवों की सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो सकती है। किसानों को डर है कि उनकी मेहनत की कमाई और रिहायशी बस्तियां इस जलभराव की भेंट चढ़ सकती हैं।

तीन दिनों से गंभीर स्थिति, विभागीय मौन पर सवाल

क्षेत्रीय जनता का आरोप है कि जलभराव और ओवरफ्लो की यह स्थिति पिछले 72 घंटों से बनी हुई है, किंतु नहर विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने अब तक मौके का मुआयना करना उचित नहीं समझा। इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ इस तथ्य को रेखांकित करता है कि नहरों के वार्षिक रख-रखाव और सिल्ट सफाई के नाम पर प्रतिवर्ष सरकारी खजाने से बड़ी धनराशि व्यय की जाती है। ऐसे में वर्तमान संकट विभाग के दावों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को स्पष्ट रूप से उजागर कर रहा है।

अधिकारियों की कार्यप्रणाली और जवाबदेही के घेरे में विभाग

ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि विभागीय अभिलेखों में मरम्मत और सफाई का कार्य पूर्ण दिखाकर बजट का निस्तारण कर दिया जाता है, जबकि धरातल पर तटबंध कमजोर बने हुए हैं। इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ के माध्यम से प्रभावित क्षेत्र के लोग यह प्रश्न पूछ रहे हैं कि क्या अधिशासी अभियंता और संबंधित क्षेत्रीय अधिकारियों को इस संकट की पूर्व सूचना नहीं थी? यदि सूचना थी, तो सुरक्षात्मक कदम उठाने में विलंब क्यों किया गया? नियमित निगरानी और रखरखाव की जिम्मेदारी के प्रति यह शिथिलता किसी बड़ी दुर्घटना को निमंत्रण दे सकती है।

आक्रोशित ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

नहर विभाग के प्रति क्षेत्र में भारी असंतोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अविलंब पानी की निकासी सुनिश्चित नहीं की गई और क्षतिग्रस्त या कमजोर बिंदुओं की मरम्मत नहीं हुई, तो वे जिला प्रशासन के विरुद्ध व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। वर्तमान में गोविंदपुर क्षेत्र के किसान और ग्रामीण प्रशासन की त्वरित कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं, ताकि संभावित तबाही को रोका जा सके।

रिपोर्टर: जय प्रकाश सिंह

स्थान: बल्दीराय, हलियापुर, सुल्तानपुर

स्त्रोत: इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़

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