पूर्व मंत्री राणा अजीत सिंह समेत 11 आरोपी जरिए वीसी जेल से तलब


 सीजेएम कोर्ट ने चार अप्रैल तक बढ़ाई आरोपियो के रिमांड की अवधि

*अखण्डनगर पुलिस ने वादी समेत तीन गवाहों का कोर्ट में दर्ज कराया कलमबंद बयान

सुलतानपुर। अखण्डनगर थाना क्षेत्र में हुए जानलेवा हमले एवं आपराधिक षडयंत्र रचने सहित अन्य आरोपो से जुड़े मामले में जेल भेजे गए पूर्व मंत्री राणा अजीत प्रताप सिंह सहित 11 आरोपियो की रिमांड अवधि पर सोमवार को सुनवाई चली। अदालत के आदेश पर आरोपियो को जरिए वीडियो कांफ्रेंसिंग जिला कारागार से तलब किया गया। इस दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने रिमांड बढ़ाने पर आपत्ति जताई। वहीं अभियोजन अधिकारी एवं वादी पक्ष के निजी अधिवक्ता संतोष कुमार पांडेय ने विवेचना की कार्रवाई लम्बित होने का तर्क रखते हुए उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियो के न्यायिक रिमांड की अवधि बढ़ाने की मांग किया। उभय पक्षो को सुनने के पश्चात सीजेएम कोर्ट ने चार अप्रैल तक आरोपियो की रिमांड मंजूर कर लिया है। पुलिस ने मामले में वादी सहित तीन गवाहों के कोर्ट में कलमबंद बयान भी दर्ज कराया है। मामले से जुड़े आरोपी अभिषेक राणा उर्फ अभिषेक प्रताप सिंह की जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए जिला जज की अदालत ने 24 मार्च की तारीख तय किया है।

अखंडनगर थाने के कल्यानपुर निवासी जिलाजीत यादव ने 15 मार्च की सुबह नौ बजे की घटना बताते हुए स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। उनके आरोप के मुताबिक जमीनी विवाद को लेकर स्थानीय थाने के रतनपुर मैरवा निवासी पूर्व राज्य मंत्री राणा अजीत प्रताप सिंह,उनके पुत्र अभिजीत सिंह सहित अन्य नामजद एवं उनके अज्ञात साथियों ने पिस्टल व रिवाल्वर एवं हाथों में लाठी-डंडा लेकर जान से मार डालने की नीयत से हमला एवं फायरिंग भी किया था। घटना में वादी पक्ष के संजय यादव सहित करीब दर्जन लोग घायल हो गए। मामले में एसपी चारू निगम की सक्रियता से पुलिस नामजद आरोपी पूर्व मंत्री राणा अजीत प्रताप सिंह व उनके पुत्र अभिजीत प्रताप सिंह एवं उनके भाई अजय प्रताप सिंह सहित कुल 12 आरोपियो को अब तक गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई कर चुकी है।

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