वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की मान्यता NMC द्वारा रद्द, राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ

जम्मू/कटरा, 10 जनवरी (हिंदुस्तान समाचार): राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने शैक्षणिक मानकों में गंभीर कमियों का हवाला देते हुए जम्मू के रियासी स्थित श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस (SMVDIME) के एमबीबीएस पाठ्यक्रम की मान्यता रद्द कर दी है। यह निर्णय संस्थान के पहले बैच (2025-26) के शुरू होने के तुरंत बाद आया है।


NMC निरीक्षण के प्रमुख निष्कर्ष:

आयोग ने 2 जनवरी को किए गए अपने औचक निरीक्षण में संस्थान में फैकल्टी सदस्यों की गंभीर कमी, अपर्याप्त बुनियादी ढाँचा और नैदानिक सामग्री का अभाव पाया। इन कारणों के आधार पर 6 जनवरी को मान्यता वापस लेने का आदेश जारी किया गया।

पृष्ठभूमि:

इस संस्थान को पिछले सितंबर में 50 एमबीबीएस सीटों के साथ मान्यता मिली थी। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) की मेरिट के आधार पर हुई काउंसलिंग में इन सीटों पर चुने गए अधिकांश छात्र मुस्लिम समुदाय से थे। इसके बाद से 'श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति' सहित कुछ संगठनों ने छात्रों की धार्मिक पहचान को लेकर विरोध प्रदर्शन किए थे।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ:

· जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एनएमसी के निर्णय को "जम्मू के छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़" बताया और संघर्ष समिति द्वारा मिठाई बांटकर जश्न मनाने को "दुर्भाग्यपूर्ण" कहा।

· भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कहा है कि एनएमसी का निर्णय "शैक्षणिक मानकों से किसी समझौते के बिना" लिया गया है और यह छात्रों के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए है।

वर्तमान स्थिति:

मान्यता रद्द होने के बाद संस्थान में प्रवेश पाए छात्रों के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासनिक स्तर पर छात्रों के अन्य मेडिकल कॉलेजों में स्थानांतरण या अन्य समाधानों पर विचार किया जा रहा है।

(नोट: यह खबर शैक्षणिक मानकों, नियामक कार्रवाई और उसकी राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर केंद्रित है। किसी विशेष समुदाय के छात्रों की संख्या एक पृष्ठभूमि तथ्य के रूप में दी गई है, जो विवाद के संदर्भ को समझने के लिए आवश्यक है।)

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