कैंसर के बढ़ते मरीज मेडिकल कॉलेज बन रहा उम्मीद की किरण*

अयोध्या ।

रामनगरी अयोध्या अब सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं का भी मजबूत आधार बन रही है। लेकिन एक चिंताजनक खबर सामने आई है—राजर्षि दशरथ स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज में कैंसर के मरीजों की संख्या दिन-प्रतिदिन तेजी से बढ़ रही है। कैंसर सुनते ही मरीज और उनके परिजन अवसाद में डूब जाते हैं, क्योंकि पहले इलाज के लिए उन्हें लखनऊ, दिल्ली या मुंबई जैसे महानगरों का चक्कर लगाना पड़ता था। अब स्थिति बदल रही है। प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा के प्रयासों और कुशल मार्गदर्शन से मेडिकल कॉलेज में कैंसर उपचार की सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। डॉ. धीरेंद्र सचान के नेतृत्व में कैंसर विभाग पिछले तीन महीनों में लगभग 1000 मरीजों को ओपीडी में देख चुका है, जबकि करीब 100 मरीजों को कीमोथेरेपी के माध्यम से इलाज दिया गया। ओपीडी हर सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को कमरा नंबर 109 में संचालित होती है।

डॉ. धीरेंद्र सचान बताते हैं कि सबसे ज्यादा मुख के कैंसर के मरीज सामने आ रहे हैं, उसके बाद स्तन कैंसर के मामले। अयोध्या के अलावा बस्ती, अंबेडकर नगर, सुल्तानपुर और गोंडा जैसे आसपास के जिलों से भी मरीज बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। आम लक्षणों में शरीर के किसी अंग में गांठ, घाव, स्तन से पानी या खून आना, बच्चेदानी से असामान्य रक्तस्राव, लगातार खांसी या वजन घटना आदि शामिल हैं।

यह बढ़ती संख्या चिंता का विषय तो है, लेकिन अच्छी खबर यह है कि अब इलाज घर के करीब उपलब्ध है। शासन से रेडियोथेरेपी विभाग की मंजूरी मिल गई है और जल्द ही इसकी शुरुआत होने वाली है। साथ ही, टाटा समूह और नमो कैंसर फाउंडेशन के सहयोग से अयोध्या में विश्वस्तरीय कैंसर अस्पताल बनने की योजना तेजी से आगे बढ़ रही है, जो आने वाले समय में हजारों मरीजों को राहत देगी। कैंसर से बचाव के सरल उपाय भी जरूरी हैं:

स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं, साफ-सुथरा आहार लें।

नियमित व्यायाम और योग करें। धूम्रपान और शराब से पूरी तरह दूर रहें।शरीर में कोई असामान्य बदलाव दिखे तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

अयोध्या मेडिकल कॉलेज अब कैंसर से जूझ रहे मरीजों के लिए उम्मीद की नई किरण बन रहा है। रामनगरी अब इलाज और ठीक होने की भी नई कहानी लिख रही है।

इंडिया की सोच बुलंद से तहसील रिपोर्टर ज्ञानेंद्र तिवारी अयोध्या 

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