*पुलिस भी मददगार साबित हुई..* लखनऊ के चारबाग में सड़कों पर खड़े हो रहे ई रिक्शा व ऑटो, आए दिन सड़क पर अवैध पार्किंग स्थल बनाते आए हैं। ऐसे में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठता है क्या वे ई रिक्शा और ऑटो के सहयोगी बने हुए हैं या खुलेआम संरक्षण दे रहे हैं?, आए दिन सड़कों पर ई रिक्शा व ऑटो लगने से भीषण जाम की स्थिति बनी रहती है और पुलिस ऐसे माहौल में बौना साबित हुई है। चारबाग के सड़कों पर ई रिक्शा व ऑटो की लाइन और आड़े तिरछे खड़े होने से जनता और राहगीरों को परेशानी होती है, इसके बावजूद चौकी प्रभारी और खास तौर पर थाना प्रभारी नाका मज़े लूटने के लिए बैठे हैं। ना कोई ठोस कार्यवाही और ना ही कोई निर्देश। ऐसे में उच्च अधिकारीगण भी लगता है काला चश्मा पहनकर क्षेत्र का जायजा लेते होंगे।
कभी कदार तो लगता है जैसे डीसीपी, एडीसीपी या एसीपी नहीं बल्कि थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी क्षेत्र के मुखिया बने बैठे हैं। ई रिक्शा और ऑटो की लाईन, आड़े तिरछे खड़े होना और सवारियों को बैठाने के लिए हुड़दंग, सड़क पर गुजरने वालों को के लिए परेशानी का सबब पैदा करता है...
इंडिया की सोच बुलंद से सुल्तानपुर जिला रिपोर्टर सुनील सिंह की रिपोर्ट

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