प्राइवेट स्कूलों को चुनौती दे रहा सरकारी विद्यालय, प्रधानाध्यापक वैभव सिंह की पहल बनी मिसाल*


 बल्दीराय /सुलतानपुर*।

शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की एक प्रेरणादायक तस्वीर बल्दीराय क्षेत्र से सामने आई है, जहां प्राथमिक विद्यालय कांपा अब अपनी आधुनिक सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बल पर निजी स्कूलों को सीधी चुनौती देता नजर आ रहा है। ‘स्कूल चलो अभियान’ के तहत विद्यालय के प्रधानाध्यापक वैभव सिंह द्वारा जारी एक भावनात्मक वीडियो संदेश ने अभिभावकों के बीच नई उम्मीद जगा दी है। प्रधानाध्यापक वैभव सिंह ने अपने संदेश में अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों के भविष्य को केवल रटंत शिक्षा तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें ऐसी शिक्षा दें जो उनके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करे। उन्होंने बताया कि विद्यालय अब आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित है और बच्चों को बेहतर माहौल प्रदान किया जा रहा है।

आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित विद्यालय

प्राथमिक विद्यालय कांपा में स्मार्ट क्लास और प्रोजेक्टर के माध्यम से बच्चों को रोचक और समझने योग्य तरीके से पढ़ाया जा रहा है। डिजिटल माध्यमों के जरिए पढ़ाई बच्चों के लिए आसान और आकर्षक बन रही है। साथ ही नवोदय विद्यालय जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष कक्षाओं का संचालन भी किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके। शिक्षकों की गुणवत्ता और उच्च शिक्षा पर जोर

प्रधानाध्यापक वैभव सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि विद्यालय में तैनात शिक्षक पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ बच्चों को उच्च स्तर की शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यहां शिक्षकों द्वारा बच्चों को विषय की गहराई से समझ विकसित कराई जाती है, जिससे उनकी बुनियाद मजबूत हो और वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।

शिक्षा के साथ संस्कारों का समन्वय

विद्यालय में शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारियों का भी पाठ पढ़ाया जा रहा है। खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास को भी प्राथमिकता दी जा रही है। *भावुक अपील: “शिक्षा में समझौता क्यों*?” अपने वीडियो संदेश में प्रधानाध्यापक ने अभिभावकों से भावुक अपील करते हुए कहा "जब हम अपने बच्चों के खान-पान और पालन-पोषण में कोई कमी नहीं रखते, तो शिक्षा जैसी बुनियाद में पीछे क्यों रहें?"

उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए अपने बच्चों का नामांकन प्राथमिक विद्यालय कांपा, बल्दीराय में कराएं और सरकारी शिक्षा व्यवस्था का लाभ उठाएं विद्यालय की एक बड़ी खासियत यह भी है कि यहां हर बच्चे पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान दिया जाता है। जो बच्चे पढ़ाई में कमजोर हैं, उन्हें अतिरिक्त समय और सहयोग देकर मुख्यधारा में लाने का सतत प्रयास किया जा रहा है। कांपा प्राथमिक विद्यालय की यह पहल न केवल सरकारी स्कूलों की बदलती तस्वीर को उजागर करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि यदि शिक्षक समर्पित हों, तो सरकारी विद्यालय भी उत्कृष्ट शिक्षा के केंद्र बन सकते हैं प्रधानाध्यापक वैभव सिंह का यह प्रयास क्षेत्र में शिक्षा की नई दिशा तय करता नजर आ रहा है।

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