पूर्व प्राचार्य डॉ सलिल श्रीवास्तव पर कानूनी शिकंजा कसने के आसार*


 सेवा समाप्ति विवाद पहुंचा हाईकोर्ट, कर्मचारी ने लगाये गंभीर आरोप*

*बृजेश उपाध्याय* 

*सुलतानपुर।* राजकीय मेडिकल कॉलेज में संविदा कर्मचारी की सेवा समाप्ति का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। लखनऊ स्थित एजेंसी की एक महिला कर्मचारी ने अपनी बर्खास्तगी को चुनौती देते हुए लखनऊ उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर की है।

याचिका में पूर्व प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि 23 फरवरी 2026 को जारी एक पत्र के आधार पर  एजेंसी ने बिना ठोस कारण के सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दीं।

याचिकाकर्ता का कहना है कि यह कार्रवाई निराधार आरोपों पर आधारित है। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया है कि पूर्व प्राचार्य द्वारा लगातार दबाव बनाकर पहले की गई शिकायतों और आवेदनों को वापस लेने के लिए मजबूर किया जा रहा था।

मामले को लेकर याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने सेवा समाप्ति आदेश को निरस्त करने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

अब निगाहें हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हैं। यदि अदालत सख्त रुख अपनाती है ,तो पूर्व प्राचार्य के खिलाफ बड़ी वैधानिक कार्रवाई संभव है। वहीं वर्तमान में कार्यभार संभाल रहे अधिकारी की स्थिति भी प्रभावित हो सकती है.....!!

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