अस्वीकृत गन्ना किस्मों पर वैज्ञानिकों का कड़ा प्रहार, दूधिया खुर्द में किसानों को सिखाए उन्नति के गुर


पीलीभीत पूरनपुर। गन्ना विकास परिषद पूरनपुर के तत्वावधान में ग्राम पंचायत दूधिया खुर्द के पंचायत घर में एक महत्वपूर्ण गन्ना किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में शाहजहांपुर गन्ना शोध परिषद के वरिष्ठ वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों ने शिरकत की। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला गन्ना अधिकारी एवं पूरनपुर चीनी मिल के प्रभारी खुशीराम भार्गव और मुख्य गन्ना अधिकारी सीसीओ अमित कुमार चतुर्वेदी मौजूद रहे। प्रशिक्षण के दौरान वैज्ञानिकों ने किसानों को कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि वे 91269 गन्ना किस्म की बुवाई तत्काल बंद कर दें। उन्होंने बताया कि यह किस्म चीनी मिलों के लिए सफेद हाथी साबित हो रही है क्योंकि इससे शक्कर की प्राप्ति नहीं आती है। वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया कि अगेती और अस्वीकृत किस्मों के बीच 45 रुपये प्रति क्विंटल का बड़ा अंतर है, जो सीधे तौर पर किसानों को आर्थिक चोट पहुँचा रहा है। किसानों से आह्वान किया गया कि वे केवल उन्हीं किस्मों का चयन करें जो मिल और उनकी जेब, दोनों के लिए फायदेमंद हों। शाहजहांपुर से आई विशेषज्ञों की टीम ने यूपी 05225 और 98014 जैसी उन्नत किस्मों को खेती के लिए सर्वश्रेष्ठ बताया। वैज्ञानिकों के अनुसार ये किस्में तेजी से बढ़ती हैं और वजन में भी भारी होती हैं। साथ ही, जंगल के किनारे वाले खेतों के लिए 10230 किस्म को रामबाण बताया गया, क्योंकि इसकी बनावट ऐसी है कि सियार और लोमड़ी जैसे जंगली जानवर इसे नुकसान नहीं पहुँचा पाते। कार्यक्रम में शाहजहांपुर गन्ना शोध परिषद से आए वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अजय तिवारी, डॉ. अरविंद कुमार और डॉ. सुजीत प्रताप सिंह ने तकनीकी बारीकियों को साझा किया। इसके अलावा इफको से महेंद्र मौर्य, शिवम वाजपेयी, जावेद बेग और कई गन्ना पर्यवेक्षक मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान पूरनपुर चीनी मिल के मुख्य गन्ना अधिकारी अमित कुमार चतुर्वेदी ने किसानों को संबोधित करते हुए स्पष्ट कहा कि किसान भाई केवल उन्हीं किस्मों को प्राथमिकता दें जिनसे उन्हें बेहतर मूल्य मिल सके। घटिया और अस्वीकृत किस्मों की बुवाई न केवल मिल की रिकवरी गिराती है, बल्कि किसानों को भी आर्थिक रूप से नुकसान पहुँचाती है। मिल प्रबंधन किसानों की खुशहाली के लिए प्रतिबद्ध है, बशर्ते वे वैज्ञानिक परामर्श का कड़ाई से पालन करें।

(ब्यूरो चीफ लुकमान खान) पीलीभीत

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