'इंडिया की सोच बुलंद' की विशेष रिपोर्ट
मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक महिला और उसके साथियों द्वारा मंदिर के सेवादार को 'हनीट्रैप' और 'फर्जी पुलिस' के जाल में फंसाकर लाखों की वसूली करने का प्रयास किया गया। हालांकि, सेवादार की सूझबूझ और इंडिया की सोच बुलंद पुलिस की तत्परता ने आरोपियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोपेश्वर कैलाश मठ के सेवादार प्रदीप शर्मा को सीमा कुमारी नामक महिला ने संपर्क किया। महिला ने खुद को दानदाता बताते हुए मठ के लिए सहयोग करने की इच्छा जताई और सेवादार को मथुरा के 'अमर पैलेस होटल' मिलने बुलाया।
बंधक बनाकर वसूली का प्रयास
आरोप है कि जैसे ही सेवादार होटल पहुंचे, वहां पूर्व नियोजित साजिश के तहत तीन अन्य युवक पहुंचे, जिन्होंने खुद को सीबीआई और पुलिस अधिकारी बताया। पीड़ित का आरोप है कि:
तीनों आरोपियों ने उन्हें बंधक बना लिया।
महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति का वीडियो जबरन बनाने का प्रयास किया गया।
वीडियो डिलीट करने के बदले 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई।
पैसे न देने पर फर्जी बलात्कार के मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
इंडिया की सोच बुलंद हौसले के साथ पीड़ित सेवादार ने हार नहीं मानी। किसी तरह वहां से समय मांगकर निकलने के बाद, उन्होंने तुरंत स्थानीय थाने में मामले की जानकारी दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन होटल की घेराबंदी की और मौके से आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया। हालांकि, फर्जी पुलिस बनकर आए उसके तीन साथी फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं।
पुलिस की अपील: घबराएं नहीं, सूचित करें
मथुरा पुलिस ने इस घटना के बाद आम जनता से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि यदि कोई भी व्यक्ति इस तरह के हनीट्रैप या ब्लैकमेलिंग का शिकार होता है, तो वह डरे बिना तत्काल नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करे।
कानूनी नोट: वर्तमान में पुलिस महिला से पूछताछ कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश में टीमें लगा दी गई हैं। मामले की पूर्ण सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
मथुरा से राहुल गुलशन की रिपोर्ट, 'इंडिया की सोच बुलंद' न्यूज़ के लिए।

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