नरैनी कस्बा निवासी प्रकाशचंद्र के बेटे ज्ञान प्रकाश ने तहरीर में बताया कि चाचा रामदास ने वर्ष 2010 में अपने हिस्से के खंडहर व जर्जर मकान का पैनामा ज्ञान प्रकाश, भाई आनंद प्रकाश व पिता प्रकाशचंद्र के नाम किया था। 14 वर्ष बाद पिता ने मेहनत से मकान व दुकानें बनवा लीं। अब चाचा रामदास जमीन पर कब्जा करना चाहता है।आनंद प्रकाश ने सिविल वाद दायर किया। इसके बाद चाची सुधा व उनके सहयोगियों ने ज्ञान प्रकाश व उसके परिवार को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।25 जनवरी को चाची सुधा, चाचा रामदास व धीरज तथा सपना व उनके दो सहयोगियों ने शाम सात बजे चौराहे के पास भाई आनंद प्रकाश उर्फ सोम, बहन चंचल गुप्ता से गाली-गलौज की । दोनों को आत्महत्या के लिए उकसाया और जहर की पुड़िया दी।कहा कि जाकर मर जाओ। उकसाने पर 26 जनवरी को आनंद प्रकाश व बहन चंचल ने जहर खाकर जान दे दी। सुसाइट का वीडियो भी बनाया। कारण भी बताया। पुलिस ने एसपी के आदेश पर चाची सुधा, चाचा रामदास सहित धीरज व

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