सुल्तानपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रतिबंधित चाइनीज मांझे को लेकर दी गई कड़ी चेतावनी के बाद प्रदेश भर का प्रशासन मुस्तैद है। इसी क्रम में सुल्तानपुर जनपद में भी इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ की पड़ताल में यह सामने आया है कि प्रशासनिक सख्ती के चलते चाइनीज मांझा बेचने वाले विक्रेताओं में हड़कंप मचा हुआ है।
दहशत में दुकानदार, बदला काम करने का तरीका
मुख्यमंत्री के कड़े रुख और पुलिस की संभावित छापेमारी के डर से शहर के प्रमुख बाजारों में अब यह जानलेवा मांझा खुलेआम नजर नहीं आ रहा है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि कार्रवाई से बचने के लिए कई दुकानदारों ने प्रतिबंधित स्टॉक को दुकानों से हटाकर सुरक्षित या गुप्त स्थानों पर छिपा दिया है। इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ को मिली जानकारी के अनुसार, अब इसकी बिक्री केवल 'खास' और 'परिचित' ग्राहकों को ही बेहद गोपनीय तरीके से की जा रही है।
नियमों को ताक पर रख जान से खिलवाड़
गौरतलब है कि जनपद में बीते दिनों चाइनीज मांझे की चपेट में आने से कई राहगीर घायल हुए हैं और बेजुबान पक्षियों की जान पर भी बन आई है। प्रशासन द्वारा इसे पूरी तरह प्रतिबंधित किए जाने के बावजूद, चंद रुपयों के मुनाफे के लिए कुछ कथित विक्रेता नियमों को ताक पर रख रहे हैं।
कानूनी पहलू: प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित मांझा बेचना या उसका भंडारण करना कानूनन अपराध है। इसके उल्लंघन पर भारी जुर्माना और जेल की सजा दोनों का प्रावधान है।
जनता की मांग: 'केवल चेतावनी नहीं, कड़ी कार्रवाई हो'
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को केवल आदेशों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ के माध्यम से वे मांग कर रहे हैं कि संदिग्ध ठिकानों पर आकस्मिक छापेमारी की जाए। जब तक दोषियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी, तब तक इस 'खूनी खेल' पर पूरी तरह लगाम लगाना मुश्किल है।
इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ अपने दर्शकों और पाठकों से अपील करता है कि सुरक्षित और सूती धागे का ही प्रयोग करें। आपकी एक छोटी सी सावधानी किसी की जान बचा सकती है
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