जमीन विवाद में विवेचक की 'कार्यशैली' पर कोर्ट सख्त, गौरीगंज पुलिस के सब-इंस्पेक्टर व्यक्तिगत रूप से तलब


 

सुलतानपुर। जमीन खरीद-फरोख्त से जुड़े एक कथित फर्जीवाड़े के मामले में अदालत ने विवेचना की खामियों पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ की विशेष रिपोर्ट के मुताबिक, एडीजे द्वितीय राकेश पांडेय की अदालत ने गौरीगंज कोतवाली के विवेचक रामकरन सिंह को स्पष्टीकरण के साथ व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है।

क्या है पूरा विवाद?

मामला अमेठी जिले के गौरीगंज कोतवाली अंतर्गत पूरे पंडिताइन (मजरे ऐंधी) गांव का है। वादी उमाशंकर मिश्र ने 26 नवंबर को दर्ज कराए मुकदमे में आरोप लगाया था कि शशि श्रीवास्तव नामक महिला ने जमीन खरीदने के नाम पर उन्हें विश्वास में लिया और उनके व अन्य लोगों के लाखों रुपए हड़प लिए। इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ को मिली जानकारी के अनुसार, इस मामले में पुलिस ने शशि श्रीवास्तव को आरोपी बनाया है, जिनकी जमानत अर्जी पर फिलहाल सुनवाई चल रही है।

कोर्ट में विवेचना पर उठे सवाल

सुनवाई के दौरान मामले में उस वक्त नया मोड़ आ गया जब लेनदेन की प्रक्रिया पर सवाल उठे। इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ के सूत्रों के अनुसार, कोर्ट में यह बात सामने आई कि सामान्यतः जमीन खरीदने वाला व्यक्ति पैसे देता है, लेकिन यहाँ कथित तौर पर विक्रेता से ही पैसे लेने की बात कही गई है। विवेचक की तफ्तीश में इन तथ्यों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं दिखी, जिसे अदालत ने 'जांच में खामी' और 'मनमानी तफ्तीश' के रूप में गंभीरता से लिया है।

आज देनी होगी सफाई

अदालत ने विवेचक रामकरन सिंह की जांच रिपोर्ट में विरोधाभास और अस्पष्टता को देखते हुए उन्हें 20 जनवरी (मंगलवार) को तलब किया है। इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ इस केस पर लगातार नजर बनाए हुए है कि आखिर विवेचक अदालत के सामने अपनी जांच को लेकर क्या स्पष्टीकरण पेश करते हैं।

रिपोर्ट: सुनील सिंह, इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़

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