प्रशासनिक अमले पर गंभीर आरोप: सीजेएम कोर्ट ने तहसीलदार और एसओ बल्दीराय से मांगा जवाब


 सुलतानपुर। जिले के बल्दीराय थाना क्षेत्र में एक गुमटी हटाने के विवाद ने अब कानूनी तूल पकड़ लिया है। इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) नवनीत सिंह की अदालत ने वलीपुर चौकी प्रभारी, लेखपाल और कानूनगो समेत दर्जन भर लोगों के खिलाफ दी गई अर्जी पर संज्ञान लिया है। कोर्ट ने इस मामले में संबंधित तहसीलदार और एसओ बल्दीराय से जवाब-तलब किया है।

क्या है पूरा मामला?

मामला बल्दीराय थाने के ग्राम पूरे मेदई शुकुल (मजरे मऊ) का है। इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ को मिली जानकारी के मुताबिक, ग्रामीण अमर बहादुर मिश्र ने अधिवक्ता विजय कुमार सिंह के माध्यम से अदालत में प्रार्थना पत्र दिया है। आरोप है कि गत 3 जनवरी को स्थानीय पुलिस और राजस्व विभाग के कुछ कर्मियों ने निजी लोगों के साथ मिलकर बिना किसी कानूनी आदेश के वादी की गुमटी हटवा दी।

इन अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ अर्जी

अदालत में पेश की गई अर्जी में हल्का लेखपाल शशि प्रभा, लेखपाल रामजीत व योगेश, कानूनगो राम समुझ और वलीपुर चौकी प्रभारी अनिल सक्सेना समेत उनके अज्ञात सहयोगियों को नामजद किया गया है। इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ की पड़ताल के अनुसार, वादी का आरोप है कि इस कार्रवाई के दौरान उनके साथ न केवल अभद्रता की गई, बल्कि मारपीट और धमकी भी दी गई।

कोर्ट ने लिया कड़ा रुख

वादी का कहना है कि उच्चाधिकारियों से शिकायत के बावजूद जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तब उन्हें न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा। इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ के प्रतिनिधि सुनील सिंह के मुताबिक, सीजेएम नवनीत सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे एसीजेएम मुक्ता त्यागी की अदालत में स्थानांतरित कर दिया है।

अदालत ने पुलिस और राजस्व प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगा है और मामले की अगली सुनवाई के लिए 3 फरवरी की तिथि नियत की है।

रिपोर्ट: सुनील सिंह, इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़

Post a Comment

0 Comments