मेरठ/गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के सरधना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में हुई एक नृशंस घटना ने पूरे इलाके में तनाव पैदा कर दिया है। अपराधियों ने एक 20 वर्षीय युवती का अपहरण कर लिया और उसे बचाने आई उसकी 50 वर्षीय मां पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। घायल महिला ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
घटना का मुख्य विवरण
* अपराध: 20 साल की लड़की का अपहरण और विरोध करने पर उसकी माँ की हत्या।
* स्थान: कपसाड़ गांव, सरधना क्षेत्र, मेरठ।
* वर्तमान स्थिति: गांव छावनी में तब्दील है, भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है।
सियासी सरगर्मी: पुलिस को चकमा देकर भागे चंद्रशेखर आजाद
इस घटना के बाद राजनीति तेज हो गई है। नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद पीड़ित परिवार से मिलने के लिए मेरठ के लिए रवाना हुए, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए व्यापक इंतजाम किए।
* गाजीपुर बॉर्डर पर हंगामा: गाजियाबाद पुलिस ने गाजीपुर बॉर्डर पर सांसद के काफिले को रोकने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच तीखी झड़प और धक्का-मुक्की हुई।
* सड़क पर लगाई दौड़: जब पुलिस ने गाड़ी आगे नहीं बढ़ने दी, तो चंद्रशेखर आजाद अचानक गाड़ी से उतरे और पैदल ही दौड़ लगा दी। पुलिस को चकमा देकर वह आगे निकल गए और बाद में दूसरी गाड़ी में बैठकर मेरठ की ओर बढ़ गए।
* पुलिस की घेराबंदी: गाजियाबाद पुलिस अब टोल प्लाजा की गाड़ियों की तलाशी ले रही है। चंद्रशेखर को रोकने के लिए पुलिस ने चार-स्तरीय सुरक्षा (Four-layer security) व्यवस्था की है:
* गाजीपुर टोल प्लाजा पर पहली नाकेबंदी।
* काशी टोल प्लाजा पर सख्त पहरा।
* सिवाया टोल प्लाजा पर चेकिंग।
* कपसाड़ गांव के पास कई छोटे-बड़े नाके।
प्रशासन की चिंता
मेरठ पुलिस और प्रशासन का मुख्य उद्देश्य गांव में कानून व्यवस्था बनाए रखना है। पुलिस का कहना है कि संवेदनशीलता को देखते हुए किसी भी राजनीतिक नेता के आगमन से माहौल बिगड़ सकता है, इसलिए नाकेबंदी की गई है। इधर, चंद्रशेखर आजाद का कहना है कि वह पीड़ित दलित परिवार को न्याय दिलाने और उनके साथ खड़े होने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
> नोट: फिलहाल आरोपी फरार हैं और पुलिस युवती की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।


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