सोहावल, अयोध्या।
भारतीय किसान यूनियन की मासिक पंचायत सोहावल विकास खंड मुख्यालय पर आयोजित की गई। किसान नेता फरीद अहमद की अगुवाई में किसानों ने पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन आईएसबी मनोज कुमार तिवारी और एडीओ (महिला) सुषमा रानी को सौंपा। पंचायत के दौरान किसानों ने अधिकारियों को घेरा और बिंदुवार समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।
प्रशासन को दो सप्ताह का अल्टीमेटम
किसान नेता फरीद अहमद ने कड़े शब्दों में कहा कि किसान अपनी समस्याओं को लेकर बार-बार ज्ञापन देते हैं, लेकिन अधिकारी उन्हें ठंडे बस्ते में डाल देते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पिछले ज्ञापनों और वर्तमान समस्याओं का निस्तारण दो सप्ताह के भीतर नहीं किया गया, तो अगली पंचायत में किसान यूनियन बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
पंचायत में उठाई गई प्रमुख मांगें:
- छुट्टा पशुओं का आतंक: सोहावल ब्लॉक में आवारा पशुओं और हिंसक सांडों के कारण आए दिन लोग चोटिल हो रहे हैं और फसलें बर्बाद हो रही हैं। इन्हें तत्काल पकड़वाकर गौशाला भिजवाया जाए।
- आवास और शौचालय: ग्राम प्रधानों द्वारा अपात्रों को लाभ देने और पात्रों को वंचित रखने का आरोप लगाया गया। मांग की गई कि छूटे हुए पात्र व्यक्तियों की जांच कराकर उन्हें प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री आवास और शौचालय की सुविधा दी जाए।
- पेंशन बहाली: रुकी हुई वृद्धा, विधवा और विकलांग पेंशन को तत्काल जारी किया जाए।
- क्षेत्रीय विकास: ग्राम सभा पिलखवा (अरकुना) में जलभराव की समस्या का समाधान हो और ग्राम सभा आगेथुवा में हरिराम लोहार के घर से सुरेश प्रजापति के घर तक खरंजा व नाली निर्माण कराया जाए।
- जर्जर भवन और सड़कें: सोहावल ब्लॉक के आवासीय परिसर के खंडहरों की मरम्मत हो और ब्लॉक के बगल वाली जर्जर व गड्ढायुक्त पक्की सड़क का नवनिर्माण कराया जाए।
उपस्थिति:
पंचायत की अध्यक्षता प्रेम शंकर वर्मा ने की और संचालन फरीद अहमद द्वारा किया गया। इस मौके पर जवाहरलाल तिवारी, राजू निषाद, लल्लू शर्मा, राम अवतार दादा, मंगरू राम, आसमा निशा, गुड़िया, श्रीमती, लाजवती सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रमुख सुधार जो किए गए हैं:
- वाक्य विन्यास: "सांडों द्वारा आए दिन लोग चोटिल हो रहे हैं" जैसे वाक्यों को अधिक स्पष्ट किया गया है।
- स्पष्टता: समस्याओं को बुलेट पॉइंट्स में बांट दिया गया है ताकि पढ़ने वाले को मुख्य मुद्दे तुरंत समझ आ जाएं।
- पद की गरिमा: अधिकारियों और नेताओं के नामों के साथ उचित संबोधन जोड़ा गया है।

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