10 रूपये के नोट की गड्डी Vs भ्रष्टाचार .*

 


एक समय था जब बैंक में जाकर शादी का कार्ड दिखाने पर 2-4 दस व बीस रूपये के नए नोटों की गड्डी आराम से मिल जाया करती थी। लेकिन अब जो गड्डी पहले आम शादी ब्याह का कार्ड दिखाने से मिल जाती थी, वो बड़ी सिफारिश लगवाने से भी नहीं मिलती। सबसे हैरानी की बात ये नहीं है कि गड्डी नहीं मिलती, बल्कि ये है कि 400-500 अधिक देने पर वही गड्डीयां कितनी ही ले लो। 

इस भ्रष्टाचार ने साधारण से साधारण चीजों को आम आदमी से बहुत दूर पहुचा दिया हैं।

 ब्याह_शादी में लोग मजबूर होते है ब्लैक में लेने के लिए। लेकिन हैरानी की बात है कि जो चीज बैंकों में नहीं वो फिर बाहर कैसे मिल जाती है। 

बैंक वालों ने ऐसा नेक्सस बना दिया है कि रिजर्व बैंक से नोट आते ही सीधे बाजार में ब्लैक कर दिये जाते हैं। भले सरकार ने हरियाणा में भी ₹10 के सिक्कों के प्रचलन पर जोर दिया हो लेकिन ब्याह शादी में तो 10 के नोटों का ही प्रयोग होता है


इंडिया की सोच बुलंद से सुल्तानपुर जिला रिपोर्टर सुनील सिंह की रिपोर्ट

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