उन्नाव। ज्येष्ठ महीने की शुरुआत के साथ ही जनपद में भीषण गर्मी, प्रचंड धूप और जानलेवा लू का प्रकोप अपने चरम पर पहुँच गया है। शनिवार को सुबह से ही आसमान से बरसती आग ने आम जनजीवन को बुरी तरह झकझोर कर रख दिया। दोपहर होते-होते आलम यह हो गया कि सड़कें और बाज़ार पूरी तरह सूने नजर आने लगे। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
सड़कों पर सन्नाटा, चेहरे ढककर निकलने को मजबूर लोग
लगातार बढ़ रही गर्मी और लू के थपेड़ों ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। दोपहर के समय शहर के मुख्य चौराहों और प्रमुख बाज़ारों में सन्नाटा पसरा रहा। जो लोग बहुत जरूरी काम से बाहर निकले भी, वे खुद को पूरी तरह से सूती कपड़े, स्कार्फ और चश्मे से ढंककर चलते नजर आए।
वाटर कूलर खराब, नगर पालिका की लापरवाही से जनता में आक्रोश
इस भीषण गर्मी में राहगीरों की प्यास बुझाने के दावों की भी पोल खुल गई है। शहर के चौराहों और प्रमुख बाजारों में लगे अधिकांश सरकारी वाटर कूलर शोपीस बने हुए हैं और खराब पड़े हैं। राहगीर बूंद-बूंद पानी के लिए तरसते नजर आए और लोग बोतलबंद पानी खरीदकर प्यास बुझाने को मजबूर दिखे। सार्वजनिक स्थानों पर पर्याप्त पेयजल व्यवस्था न होने से स्थानीय जनता में नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी और आक्रोश देखा जा रहा है।
अस्पतालों की OPD में उमड़ी भीड़, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का बढ़ा खतरा
गर्मी का सबसे घातक असर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर पड़ रहा है। जिला अस्पताल समेत तमाम निजी अस्पतालों में उल्टी, दस्त, तेज बुखार, डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) और हीट स्ट्रोक (लू लगना) के मरीजों की बाढ़ आ गई है। जिला अस्पताल की ओपीडी (OPD) में सुबह से ही मरीजों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं।
डॉक्टरों की विशेष सलाह:
चिकित्सकों के मुताबिक, तेज धूप में अधिक देर रहने और शरीर में पानी की कमी होने से लोग तेजी से बीमार पड़ रहे हैं। डॉक्टरों ने लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस (ORS) घोल, मट्ठा या नींबू पानी पीने, हल्का भोजन करने और दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बहुत जरूरी न होने पर धूप में निकलने से बचने की सलाह दी है। साथ ही बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ख्याल रखने को कहा है। स्वास्थ्य विभाग ने भी अस्पतालों को अलर्ट पर रहने और अतिरिक्त इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।
बिजली कटौती और लो-वोल्टेज ने रात की नींद भी उड़ाई
एक तरफ प्रकृति का कहर है तो दूसरी तरफ बिजली विभाग का रोना। गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली की मांग बढ़ गई है, जिसके चलते शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक में अघोषित बिजली कटौती और भयंकर लो-वोल्टेज की समस्या खड़ी हो गई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि दिन तो जैसे-तैसे कट जाता है, लेकिन रात में बिजली कटने और लो-वोल्टेज के कारण कूलर-पंखे बंद हो जाते हैं, जिससे रात काटना भी दूभर हो गया है।

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