बल्दीराय क्षेत्र के पूरे तुलसीराम तिवारी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का शुक्रवार को समापन हो गया

अंतरराष्ट्रीय कथा व्यास शिवेश शास्त्री जी महाराज ने अंतिम दिन कथावाचक पंडित व्यास शिवेश शास्त्री जी महाराज ने सुदामा चरित्र और परीक्षित मोक्ष की कथा का वर्णन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा सुनने के लिए पंडाल में उपस्थित रहे।

कथा व्यास ने भगवान श्रीकृष्ण और उनके परम मित्र सुदामा के मिलन का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि मित्रता में पद, प्रतिष्ठा और धन का कोई स्थान नहीं होता। जब सुदामा द्वारिका पहुंचे, तो भगवान श्रीकृष्ण ने नंगे पैर दौड़कर उन्हें गले लगाया और अपने आंसुओं से उनके पैर धोए। महाराज जी ने कहा कि सुदामा के 'तंदुल' (चावल) खाकर प्रभु ने उन्हें तीनों लोकों का ऐश्वर्य प्रदान किया।

कथा के अगले क्रम में राजा परीक्षित के मोक्ष की कथा सुनाई गई। कथावाचक ने बताया कि शुकदेव जी के मुख से सात दिनों तक निरंतर भागवत श्रवण करने के बाद राजा परीक्षित का मृत्यु भय समाप्त हो गया था। तक्षक नाग के डसने से पूर्व ही परीक्षित ने अपनी आत्मा को परमात्मा में लीन कर लिया। उन्होंने श्रद्धालुओं को संदेश दिया कि भागवत कथा केवल सुनने के लिए नहीं, बल्कि जीवन के विकारों को नष्ट करने के लिए है।

सात दिनों तक चले इस अनुष्ठान की पूर्णाहुति हवन-पूजन के साथ संपन्न हुई। बल्दीराय-सुलतानपुर,राजा,गुरु और मित्र से मिलने खाली हाथ नही जाया जाता।अस्तु कभी भी गुरु या मित्र के घर जाने का सुअवसर मिले तो अवश्य जाएं परन्तु खाली हाथ नहीं। इस मौके पर पूर्व विधायक चंद्र प्रकाश मिश्र मटियारी,रामिश चन्द्र पांडेय एडवोकेट,जिला संघ चालक डॉ अवधेश त्रिपाठी, पूर्व मंडल अध्यक्ष मुकेश अग्रहरि, भाजपा मंडल महामंत्री पंकज शुक्ला, शक्तिकेंद्र संयोजक वीरेंद्र तिवारी, कर्मराज शर्मा, सुरेश चंद्र पांडेय,घनश्याम तिवाड़ी,अमरनाथ तिवारी,राम जीत तिवारी,पत्रकार प्रवीण तिवारी,भाजपा नेता अवधेश दुबे,प्रदीप पांडेय,राम शरण सिंह,सिद्ध नाथ तिवारी,राजेश तिवारी,ज्ञान मिश्र सहित तमाम भक्तगण मौजूद रहे।मुख्य यजमान राजेन्द्र प्रसाद तिवारी व श्रीमती मोती देवी ने व्यासपीठ की आरती उतार सभी के मंगल की कामना किया। आयोजक अमर नाथ तिवारी जी ने सपरिवार व्यास पीठ का पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

आयोजन समिति ने बताया कि शनिवार को श्रीमद्भागवत कथा परिसर में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हजारों भक्तों के शामिल होने की सम्भावना है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पीत वस्त्र धारण किए महिलाएं, स्थानीय गणमान्य नागरिक और सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरा क्षेत्र राधे- राधे के जयघोष से गूंजता रहा।

इंडिया की सोच बुलंद से रिपोटर राजमणि पाण्डेय की रिपोर्ट

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