यूपी के शिक्षकों को योगी सरकार की बड़ी सौगात: पुरानी पेंशन, कैशलेस इलाज और ग्रेच्युटी में भारी बढ़ोतरी


लखनऊ, उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश के शैक्षणिक ढांचे को मजबूती प्रदान करने और गुरुजनों के कल्याण के लिए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ के माध्यम से प्राप्त जानकारी के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शिक्षण संस्थान प्रकोष्ठ की लंबे समय से चली आ रही मांगों को सरकार ने स्वीकार करते हुए शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के हित में बड़े शासनादेश जारी किए हैं।

भारतीय जनता पार्टी शिक्षण संस्थान प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक, डॉक्टर दिवाकर मिश्र ने इन उपलब्धियों को सरकार की संवेदनशीलता का परिणाम बताया है।

कैशलेस चिकित्सा सुविधा: अब स्वास्थ्य की चिंता हुई दूर

योगी सरकार ने राज्य कर्मचारियों की तर्ज पर अब सहायता प्राप्त (एडेड) और वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के साथ-साथ शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ देने का निर्णय लिया है। इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ को मिली जानकारी के मुताबिक, इस कदम से लाखों शिक्षक परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अब अपनी जमा-पूंजी खर्च नहीं करनी होगी। उन्हें सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में बिना नकद भुगतान के उपचार मिल सकेगा।

ग्रेच्युटी की सीमा में ₹5 लाख का इजाफा

शिक्षकों के रिटायरमेंट के बाद उनके भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा को 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दिया गया है। यह वृद्धि सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों के लिए एक बड़ी आर्थिक राहत के रूप में देखी जा रही है, जिससे उनके बुढ़ापे की सामाजिक सुरक्षा और अधिक सुदृढ़ होगी।

पुरानी पेंशन योजना (OPS) और विषय विशेषज्ञों को बड़ी राहत

सबसे महत्वपूर्ण मांग को पूरा करते हुए, सरकार ने 28 मार्च 2005 से पूर्व विज्ञापित पदों के सापेक्ष नियुक्त सभी शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना के दायरे में लाने का फैसला किया है। इसके साथ ही, विषय विशेषज्ञ शिक्षकों को भी इस योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा। इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ के अनुसार, इस निर्णय ने प्रदेश के हजारों उन शिक्षकों के बीच खुशी की लहर दौड़ा दी है जो लंबे समय से अपने हक के लिए प्रयासरत थे।

शिक्षण संस्थान प्रकोष्ठ की अपील

प्रदेश संयोजक डॉ. दिवाकर मिश्र ने इन महत्वपूर्ण जन-कल्याणकारी कार्यों का उल्लेख करते हुए शिक्षक समाज से आह्वान किया है। उन्होंने सरकार के इन निर्णयों को "शिक्षक हितों के प्रति समर्पित" बताते हुए आगामी 2027 के चुनावों में निरंतरता बनाए रखने की अपील की है, ताकि प्रदेश में विकास और शिक्षक सम्मान का यह क्रम जारी रह सके।

स्थान: लखनऊ

रिपोर्टर: राजमणि पाण्डेय

संस्थान: इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़

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