बांदा: उमरहनी गौशाला में गोवंशों की दुर्दशा पर फूटा आक्रोश, शव और कंकाल मिलने से मचा हड़कंप


 बांदा/बबेरू: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गोवंश संरक्षण के लिए चलाए जा रहे कड़े अभियानों के बीच बांदा जिले से एक विचलित कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ के संज्ञान में आया है कि बबेरू ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पंचायत उमरहनी में संचालित अस्थाई गौशाला भ्रष्टाचार और लापरवाही का केंद्र बन चुकी है। यहाँ स्थिति इतनी भयावह है कि गौशाला के समीप ही गोवंशों के शवों का ढेर लगा हुआ है।

निरीक्षण में हुआ बड़ा खुलासा: गायब मिले दर्जनों गोवंश

आज विश्व हिंदू महासंघ (गौरक्षा प्रकोष्ठ) के जिला अध्यक्ष महेश कुमार प्रजापति ने अपनी टीम के साथ उमरहनी गौशाला का औचक निरीक्षण किया। इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ को जानकारी देते हुए जिला अध्यक्ष ने बताया कि रिकॉर्ड के अनुसार अगस्त माह में यहाँ 187 गोवंश संरक्षित किए गए थे, लेकिन मौके पर मात्र 60 गोवंश ही जीवित पाए गए। शेष गोवंशों के गायब होने या मृत होने की कोई स्पष्ट जानकारी प्रबंधन के पास नहीं थी।

गौशाला के पास 'कब्रिस्तान' जैसा मंजर, मिले कंकाल

निरीक्षण के दौरान गौशाला के बगल में जो दृश्य दिखा, वह हृदयविदारक था। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो गौ माता के लिए वहां कोई 'कब्रिस्तान' बना दिया गया हो। मौके पर लगभग डेढ़ दर्जन गोवंशों के शव और अस्थि-पंजरावस्था में कंकाल बिखरे मिले। इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ को जिला अध्यक्ष ने बताया कि हिंदू धर्म में गौ माता को पूजनीय माना जाता है, लेकिन यहाँ की स्थिति देखकर प्रशासनिक संवेदनहीनता साफ झलक रही है।

बजट के बंदरबांट और इलाज के अभाव का आरोप

महेश कुमार प्रजापति ने इस घटना को अत्यंत दर्दनाक और चिंताजनक बताया। उन्होंने सीधे तौर पर क्षेत्रीय पशु चिकित्सा अधिकारी और स्थानीय जिम्मेदार अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ से बात करते हुए उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी गोवंशों के लिए पर्याप्त बजट और स्पष्ट निर्देश जारी करते हैं, लेकिन बांदा के अधिकारी उनके निर्देशों की अवहेलना कर रहे हैं।" आरोप है कि:

क्षेत्रीय पशु चिकित्सा अधिकारी कभी गौशाला का निरीक्षण करने नहीं जाते।

गोवंशों की मौत भूख और समय पर इलाज न मिलने के कारण हो रही है।

अधिकारी केवल कागजों पर हस्ताक्षर कर सरकारी धन का बंदरबांट कर रहे हैं।

अधिकारियों की चुप्पी पर उठे सवाल

धार्मिक आस्था को ठेस पहुँचाने और सरकारी धन के दुरुपयोग के इस मामले ने तूल पकड़ लिया है। इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, गौशाला में चारे की गुणवत्ता और मात्रा पर भी सवालिया निशान खड़े हुए हैं। विश्व हिंदू महासंघ ने इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्यवाही की मांग की है।

रिपोर्टर: जय प्रकाश सिंह

स्थान: बबेरू, बांदा (उत्तर प्रदेश)

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