अयोध्या (01 फरवरी 2026): समाजवादी पार्टी कार्यालय 'लोहिया भवन' में आज महान समाज सुधारकों और संत परंपरा के संवाहकों को याद किया गया। नि. जिलाध्यक्ष पारसनाथ यादव, नि. महानगर अध्यक्ष श्याम कृष्ण श्रीवास्तव और नि. महासचिव हामिद जाफर मीसम के नेतृत्व में संत शिरोमणि नरहरिदास जी (सोनार) एवं संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती बड़े धूमधाम से मनाई गई।
महापुरुषों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दी गई श्रद्धांजलि
समारोह के दौरान सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दोनों महान संतों के चित्रों पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ के अनुसार, इस अवसर पर वक्ताओं ने संतों के विचारों को वर्तमान समाज के लिए अत्यंत प्रासंगिक बताया।
संत नरहरिदास: शिव-विष्णु की एकता के प्रतीक
नि. जिलाध्यक्ष पारसनाथ यादव ने संबोधित करते हुए कहा कि 13वीं-14वीं शताब्दी के महान संत कवि नरहरिदास सोनार महाराष्ट्र की वारकरी परंपरा के आधार स्तंभ थे। पंढरपुर में भगवान विठोबा की भक्ति और भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था ने उन्हें साक्षात शिव और विष्णु की एकता का बोध कराया।
संत रविदास: सामाजिक समरसता के अग्रदूत
नि. महानगर अध्यक्ष श्याम कृष्ण श्रीवास्तव ने संत रविदास जी (रैदास) के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे मध्यकाल के महान सद्गुरु और कवि थे। उन्हें 'संत शिरोमणि' की उपाधि प्राप्त है, जिन्होंने समाज में समानता का संदेश दिया। इंडिया की सोच बुलंद के पाठकों को बताते हुए नि. महासचिव हामिद जाफर मीसम ने साझा किया कि माघ पूर्णिमा पर मनाई जाने वाली संत रविदास जयंती देश-विदेश में भक्ति और अनुष्ठान के साथ मनाई जाती है।
इनकी रही उपस्थिति
महानगर प्रवक्ता राकेश यादव एडवोकेट ने जानकारी दी कि इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से निम्नलिखित पदाधिकारी मौजूद रहे:
उपाध्यक्ष चौधरी श्रीचंद यादव, जिला उपाध्यक्ष जेपी यादव, वीरेंद्र गौतम।
शिक्षक सभा जिलाध्यक्ष दान बहादुर सिंह, ओपी पासवान, शिवांशु तिवारी।
पवन यादव, विद्याभूषण पासी, सीताराम यादव, अंसार अहमद।
जितेंद्र यादव, गोपाल यादव, इश्तियाक खान, राम सिंगर यादव, अमरेश यादव और अरुण यादव।
कार्यक्रम का समापन संतों के बताए मार्ग पर चलने के संकल्प के साथ हुआ। इंडिया की सोच बुलंद के माध्यम से अयोध्या की सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों की सटीक जानकारी आम जन तक पहुँचाने का प्रयास जारी है।
रिपोर्ट: ज्ञानेंद्र तिवारी, तहसील रिपोर्टर (अयोध्या)
प्रस्तुति: इंडिया की सोच बुलंद

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