UGC इक्विटी रेगुलेशन 2026 पर बढ़ा विवाद: मुजफ्फरनगर के युवा नेता शान्तनु रवा राजपूत ने उठाए गंभीर सवाल

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा जारी 'इक्विटी रेगुलेशन 2026' को लेकर देश के शैक्षणिक गलियारों में बहस छिड़ गई है। इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ की पड़ताल के अनुसार, इन नए नियमों को लेकर सामान्य वर्ग के छात्रों में असुरक्षा की भावना देखी जा रही है। मुजफ्फरनगर के प्रमुख युवा चेहरे और छत्रपति शिवाजी सेना के युवा जिला अध्यक्ष शान्तनु रवा राजपूत ने इन नियमों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार और UGC से पुनर्विचार की मांग की है।


 ​झूठी शिकायतों पर कार्रवाई का प्रावधान हटने से बढ़ी चिंता

​शान्तनु रवा राजपूत ने नियमों के तकनीकी पहलुओं पर बात करते हुए कहा कि नए प्रावधानों में कथित तौर पर उस सुरक्षा कवच को हटा दिया गया है, जो भेदभाव की 'झूठी शिकायत' करने वालों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करता था। इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ से बात करते हुए उन्होंने कहा, "यदि झूठी शिकायत पर दंड का प्रावधान नहीं होगा, तो इससे सामान्य वर्ग के निर्दोष छात्रों और शिक्षकों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने की आशंका बढ़ सकती है। शिक्षा के मंदिरों में न्याय सबके लिए समान होना चाहिए।"

​'इक्विटी स्क्वाड' और योग्यता पर सवाल

​रिपोर्ट के अनुसार, नए नियमों के तहत कॉलेजों में 'इक्विटी स्क्वाड' और 'इक्विटी कमेटी' के गठन का प्रस्ताव है। राजपूत का तर्क है कि इस तरह के प्रयोगों से कैंपस का शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो सकता है। उन्होंने चिंता जताई कि:

  • ​कैंपस में अनुशासन के नाम पर अत्यधिक हस्तक्षेप बढ़ सकता है।
  • ​मेरिट (योग्यता) के बजाय जातिगत समीकरणों को अधिक प्राथमिकता मिल सकती है।
  • ​शैक्षणिक संस्थानों की शांति भंग होने का खतरा है।

​संतुलन और सुरक्षा की मांग

इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ के माध्यम से अपनी बात रखते हुए युवा नेता ने स्पष्ट किया कि वे समानता के विरोधी नहीं हैं, लेकिन समानता के नाम पर किसी एक वर्ग के अधिकारों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने मांग की है कि नियमों में ऐसे "सेफगार्ड्स" जोड़े जाएं जो निर्दोषों को झूठे आरोपों से बचा सकें।

नोट: यह रिपोर्ट प्राप्त जानकारी और सार्वजनिक बयानों पर आधारित है। इसका उद्देश्य किसी भी वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं, बल्कि युवाओं के एक वर्ग की चिंताओं को मंच प्रदान करना है।

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