हाइवे में लूट से वर्दी दागदार, निलंबन से बच गया सरगना थानेदार !*


 *फतेहपुर ख़ास खबर !*

*– घटना में शामिल आधा दर्जन पुलिसकर्मियों पर भी लटकी कार्रवाई की तलवार !*

*– कथित गिरोह पर दर्ज हो सकती है एफआईआर !* 👉

*जनपद में एक तरफ अपराध नियंत्रण न होने की वजह से अफसरों की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता की हत्या के बाद सड़क में उतरे अधिवक्ताओं ने कप्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, एक वीडियो में तो अपशब्द तक सुनाई पड़े। थानेदारों के अपराध नियंत्रण न करने की वजह से लोग बेहद आक्रोश में हैं। दूसरी तरफ कुछ दागी और चर्चित थानेदार अपराध नियंत्रण तो दूर की बात वह स्वयं अवैध वसूली के लिए अपराध करने से बाज नहीं आ रहे !*

  *ऐसा ही मामला जब कल्याणपुर थाना क्षेत्र से सामने आया तो पुलिस अधीक्षक अनूप सिंह ने सख्ती दिखाते हुए थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अखिलेश यादव को लाइन का रास्ता दिखा दिया, हालांकि मामले में अभी भी गोपनीय जांच चल रही है, सूत्र बताते हैं कि लूट की घटना में शामिल सभी कर्मियों पर गाज गिरनी तय है। बता दें कि कल्याणपुर थाना क्षेत्र में तीन से चार दिन पूर्व रात में थानाध्यक्ष का फरमान आया कि चार गाड़ियों में अवैध माल लदकर निकल रहा है, उनको पकड़ना है। दो गाड़ियां चौडगरा के पास रोकी गईं, दो गाड़ियों को इंस्पेक्टर ने स्वयं सादी वर्दी में अपने ख़ास कर्मियों के साथ हाइवे से पकड़ा। चारों गाड़ियां थाने लगभग रात 1 बजे ले जाई गईं। दबाव बनाने के लिए एक चालक को जमकर पीटा गया जिससे वह घायल हो गया। दबाव में आकर वाहनों के मालिकों से बड़ी डील हुई, सभी गाड़ियां सुबह थाने से गायब थीं। चर्चा है कि गाड़ियों ( डीसीएम ) में अवैध गुटखा लदा था। दूसरे दिन फिर ऐसी ही घटना करने का हाइवे में प्रयास हुआ लेकिन इस बार व्यापारियों से भिड़ंत हो गई और पुलिस को उल्टे पैर भागना पड़ा। एसपी तक पूरी लूट की बात पहुंच गई जिस पर थानाध्यक्ष अखिलेश यादव को लाइन हाजिर कर दिया गया। इस गंभीर मामले में इंस्पेक्टर अखिलेश यादव, उनके दोनों कारखासो सहित आधा दर्जन के करीब पुलिसकर्मियों का निलंबन हो सकता है और अगर मामला आईजी या डीजीपी तक पहुंच गया तो मामले में FIR तक दर्ज हो सकती है। बताते हैं इंस्पेक्टर अखिलेश यादव पिछली सरकार में भी मलाईदार थानो में तैनात रहे हैं जिन्होंने इसी तरह के कृत्यों से अकूत संपत्ति बना ली है अगर सही ढंग से जांच हो जाए तो यह अवैध संपत्तियों का जवाब नहीं दे पाएंगे। सवाल उठता है कि क्या योगी सरकार में जीरो टॉलरेंस सिर्फ कागजों में सीमित है, अगर नहीं तो ऐसे दागियों को निलंबन थोड़ी सजा है, इन्हें बर्खास्त करना चाहिए !*☀️

*– खबर पर लगी मुहर, पांच पुलिसकर्मी निलंबित दो लाइनहाजिर....!*

  *बता दें हाइवे पर संगठित होकर लूट करने के मामले में एसपी अनूप सिंह ने निगाह टेढ़ी की है, मामले में शनिवार शाम थानाध्यक्ष अखिलेश यादव को लाइन हाजिर किया गया था जिसके बाद गोपनीय जांच में जबरन गाड़ियां पकड़ने, चालकों को पीटने और वसूली करके छोड़ने की पुष्टि हुई। रविवार रात एसपी ने घटना में शामिल थानाध्यक्ष की आंख के तारे मुख्य आरक्षी अजय कुमार सिंह, सत्येंद्र राजावत, वसीम खान, ललित और अनिल को निलंबित कर दिया जबकि एसआई कन्हैयाराम और सुमित तिवारी को लाइन हाजिर कर दिया। इस गंभीर मामले में अभी सरगना तत्कालीन थानाध्यक्ष अखिलेश यादव का निलंबन होना शेष है। संभावना जताई जा रही है कि मामले में लूट करने वाले इस पूरे कथित गिरोह पर एफआईआर भी दर्ज हो सकती है !

आशुतोष बाजपेई ग्राउंड रिपोर्ट फतेहपुर

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