बल्दीराय तहसील के 57 गांवों को सदर में शामिल किए जाने पर अधिवक्ता संघ मुखर


 राजस्व परिषद अध्यक्ष व मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर निर्णय निरस्त करने की मांग

बल्दीराय, सुलतानपुर।

बल्दीराय तहसील क्षेत्र के सराय गोकुल एवं मायंग सर्किल के 57 गांवों को सदर तहसील में शामिल किए जाने के प्रस्ताव को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस मुद्दे पर बार एसोसिएशन बल्दीराय ने कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए शासन के समक्ष नाराजगी जाहिर की है।

बार एसोसिएशन बल्दीराय के अध्यक्ष एडवोकेट मनोज सिंह और सीनियर अधिवक्ता ध्रुव राज पाण्डेय एडवोकेट ने बताया कि सुलतानपुर जनपद की नवसृजित पांचवीं तहसील बल्दीराय का गठन पूर्व में राजस्व निरीक्षक क्षेत्र सराय गोकुल एवं मायंग का सर्वे कर कुल 217 गांवों को चिन्हित करते हुए किया गया था। इसी आधार पर तहसील का संचालन प्रारंभ हुआ।

उन्होंने आरोप लगाया कि अब राजनीतिक कारणों से तहसील क्षेत्र के 57 गांवों को सदर तहसील में शामिल किया जा रहा है, जिससे बल्दीराय तहसील का अस्तित्व संकट में पड़ जाएगा। गांवों के कट जाने के बाद तहसील क्षेत्र मात्र 160 गांवों तक सीमित रह जाएगा, जिससे इसकी प्रशासनिक उपयोगिता, भौगोलिक संतुलन और प्रभावशीलता पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।

एडवोकेट मनोज सिंह और सीनियर अधिवक्ता ध्रुव राज पाण्डेय एडवोकेट ने कहा कि इस निर्णय से आम नागरिकों, अधिवक्ताओं एवं वादकारियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा तथा न्यायिक व प्रशासनिक कार्यों में बाधा उत्पन्न होगी।

इस संबंध में बार एसोसिएशन बल्दीराय की ओर से राजस्व परिषद अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को पत्र भेजकर 57 गांवों को सदर तहसील में शामिल किए जाने के निर्णय को निरस्त करने की मांग की गई है।

विरोध करने वालों में प्रमुख रूप से

एडवोकेट मनोज सिंह, एडवोकेट वृजेश यादव, एडवोकेट वृज किशोर मिश्र, एडवोकेट अनिल कुमार यादव, एडवोकेट आनंद तिवारी, एडवोकेट ध्रुवराज पांडे एडवोकेट अखिलेश पाठक, एडवोकेट रोहित पांडे सहित दर्जनों अधिवक्ता शामिल रहे।

इंडिया की सोच बुलंद से सुनील सिंह की रिपोर्ट

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