सुलतानपुर। पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपए की ठगी करने वाले आरोपी को अदालत से बड़ा झटका लगा है। इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक, एडीजे प्रथम संध्या चौधरी की अदालत ने अपराध की गंभीरता और साक्ष्यों को देखते हुए आरोपी अशोक मिश्र की जमानत अर्जी को सिरे से खारिज कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
मामला अमेठी जिले की स्थानीय कोतवाली से जुड़ा है, जहाँ प्रतापगढ़ निवासी रंजीत यादव ने आरोपी अशोक मिश्र (निवासी पूरे पंडित का पुरवा, महमदपुर) के खिलाफ 28 जुलाई को मुकदमा दर्ज कराया था। इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ को मिली जानकारी के अनुसार, वादी का आरोप है कि अशोक मिश्र ने खुद को रसूखदार बताकर पुलिस विभाग में सिपाही पद पर भर्ती कराने का लालच दिया था।
कूटरचित दस्तावेजों से जालसाजी का आरोप
आरोप है कि विश्वास जीतने के लिए आरोपी ने रंजीत यादव और उनके परिचितों (अमित सरोज, अमर बहादुर, राज सरोज व अभिषेक सिंह) को विभाग के फर्जी और कूटरचित कागजात थमा दिए। इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ की पड़ताल में सामने आया कि इस झांसे में आकर पीड़ितों ने कुल 30 लाख रुपए आरोपी को दे दिए। जब नौकरी नहीं मिली और पैसे वापस मांगे गए, तो आरोपी पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगा है।
कोर्ट में अभियोजन की दलीलें
करीब एक सप्ताह पूर्व आरोपी ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। सोमवार को सुनवाई के दौरान एडीजीसी (क्रिमिनल) पवन कुमार दूबे ने अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी की। इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ के सूत्रों के अनुसार, अभियोजन ने तर्क दिया कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले ऐसे गंभीर अपराध में जमानत देना न्यायोचित नहीं है।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी अशोक मिश्र को फिलहाल सलाखों के पीछे ही रखने का फैसला सुनाया है।
रिपोर्ट: सुनील सिंह, इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़

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