*सुल्तानपुर/बल्दीराय*
विकासखंड बल्दीराय की ग्राम पंचायत अरवल में भ्रष्टाचार की परतें एक-एक कर खुलती जा रही हैं। शिकायतकर्ता सुमेश कुमार द्वारा 15 मई 2025 को दिया गया शपथ पत्र अब पूरे तंत्र की नींद उड़ा रहा है।
शिकायत के अनुसार स्वच्छ भारत मिशन के शौचालयों का पूरा बजट ग्राम प्रधान ने अपने परिवार—पति, पुत्र और करीबियों में चेक के माध्यम से बांट दिया, जबकि ग्रामसभा के असली लाभार्थियों को एक रूपया तक नहीं मिला।
इधर मनरेगा में “कागज़ी विकास” का खेल भी सामने आया चकमार्ग पर मिट्टीकरण दिखाया गया, मगर मौके पर सिर्फ घास कटाई।
कागजों में 53 मजदूर, ज़मीनी हकीकत में सिर्फ 2 लोग। महिलाओं की हाजिरी भी पूरी तरह फर्जी बताई गई। मजदूरों का आरोप“हमारी फर्जी हाजिरी लगाकर मजदूरी हड़पी जा रही है।” सबसे चौकाने वाली बात इतनी बड़ी शिकायत पर जिला प्रशासन की खामोशी। न जांच, न कार्रवाई, न कोई संज्ञान।
*अब सवाल सीधे-सीधे प्रशासन पर है*
क्या अरवल में शासन की ताकत चल रही है या भ्रष्टाचारियों का राज?
क्या अधिकारी जागेंगे, या यह फाइल भी आने वाले ‘महाघोटाले’ की प्रस्तावना बनकर रह जाएगी? यह सिर्फ अनियमितता नहीं ग्राम पंचायत के विकास पर खुला प्रहार है।
इंडिया की सोच बुलंद से सुनील सिंह की रिपोर्ट
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