वीर बाल दिवस के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 20 बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया। इन बच्चों को 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से चुना गया है। 14 साल के क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी पुरस्कार लेने के लिए खुद दिल्ली पहुंचे थे, इसलिए वह विजय हजारे टूर्नामेंट में मणिपुर के खिलाफ मैच नहीं खेल पाए। राष्ट्रीय बाल पुरस्कार पाने वाले बच्चों में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बॉर्डर पर जवानों को चाय-नाश्ता देने वाले फिरोजपुर के श्रवण सिंह भी शामिल हैं। दो बच्चों को मरणोपरांत पुरस्कार दिया गया। इनमें तमिलनाडु की ब्योमा और बिहार के कमलेश कुमार का नाम शामिल है। इनके पुरस्कार माता-पिता ने लिए। इस दौरान पीएम मोदी ने विजेता बच्चों से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने बच्चों को संबोधित किया और कहा कि जेन जी और जेन अल्फा ही हमें विकसित भारत के लक्ष्य तक ले जाएंगे। वीर बाल दिवस गुरु गोविंद सिंह के चार बेटों की शहादत के सम्मान में मनाते हैं। गुरु गोविंद सिंह के तीन पत्नियों से चार बेटे थे, जिनका नाम अजीत, जुझार, जोरावर और फतेह सिंह था। इन्हें साहिबजादे भी कहा जाता है। 26 दिसंबर, 1705 को चारों बेटों की मुगल सेना ने हत्या कर दी थी। उनकी शहादत का सम्मान करने के लिए PM मोदी ने 2022 में 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस मनाने की घोषणा की थी▪️
इंडिया की सोच बुलंद से सुनील सिंह की रिपोर्ट

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