शौर्य गिरी (प्रदेश उपाध्यक्ष, ब्रजवासी गौ रक्षा सेना भारत) ने तमिलनाडु में हुए प्रभु श्रीराम के पुतला दहन की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह केवल धार्मिक आस्था का अपमान नहीं है बल्कि हिंदू समाज को खुलेआम अपमानित करने और गाली देने की राजनीति है।
उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम केवल हिंदुओं के आराध्य ही नहीं बल्कि मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में संपूर्ण भारतवर्ष की संस्कृति, नीति और आदर्शों के प्रतीक हैं। उनका अपमान करना सीधे तौर पर भारत की आत्मा पर चोट करना है।
शौर्य गिरी ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल और संगठनों द्वारा वोट बैंक की तुष्टिकरण की राजनीति के लिए बार-बार हिंदू प्रतीकों और देवी-देवताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
उनके अनुसार, “ऐसे कृत्य समाज को बांटने और नफ़रत फैलाने के प्रयास हैं। जो भी लोग प्रभु श्रीराम का पुतला जलाने जैसी नीच हरकत करते हैं, वे दरअसल हिंदुओं को गाली देने और उनकी भावनाओं को आहत करने की सोची-समझी राजनीति कर रहे हैं।”
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की कि इस तरह की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई हो ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति या संगठन देश की संस्कृति और आस्था के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके।

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