अहमदाबाद। "माता के प्रेम से दुनिया भर के सभी लोगों को खुशी देना" के पावन संकल्प के साथ सामाजिक और पर्यावरणीय क्षेत्रों में अग्रणी संस्था 'चर्च ऑफ गॉड वर्ल्ड मिशन सोसाइटी' (watv.org) द्वारा गुजरात के अहमदाबाद में एक भव्य पर्यावरण संरक्षण अभियान का आयोजन किया गया। संस्था के प्रधान पादरी किम जू चिअल के कुशल मार्गदर्शन में अहमदाबाद के ग्यासपुर गांव में ‘आशा का वन’ अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सघन वृक्षारोपण और देख-रेख के माध्यम से वन पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण करना, जैव विविधता को बढ़ावा देना और वन आपदाओं को कम करना है।
'मातृ पृथ्वी' पुनर्स्थापन के लिए एकजुट हुए हाथ
चर्च ऑफ गॉड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा, “गांव की सुंदरता को बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी सक्रिय योगदान देने के लिए सभी विश्वासियों ने अपने प्रयासों को एकजुट किया है। पृथ्वी के एक स्थायी और सुरक्षित कल के लिए हम चाहते हैं कि समाज के अधिक से अधिक लोग इस पुनीत कार्य में सहभागी बनें।”
3 घंटे के अथक प्रयास से रोपे गए 5,000 पौधे
इस सेवा कार्य में पर्यावरण संरक्षण के प्रति अद्भुत उत्साह देखने को मिला। शुरुआत में 90 सदस्यों के साथ शुरू हुए इस अभियान में धीरे-धीरे संख्या बढ़ते हुए लगभग 150 लोग शामिल हो गए। चर्च ऑफ गॉड के सदस्यों, उनके परिवारों और स्थानीय पड़ोसियों ने मिलकर पौधे लगाने की तकनीकों और सावधानियों को समझा। इसके बाद सभी ने पूरे उत्साह के साथ गड्ढे खोदने, पेड़ लगाने, उन्हें मिट्टी से ढकने और पानी देने की प्रक्रिया को बारीकी से पूरा किया। सभी स्वयंसेवकों के अथक परिश्रम का ही परिणाम था कि मात्र 3 घंटों के भीतर पूरे क्षेत्र में 5,000 पौधे रोप दिए गए।
अहमदाबाद नगर निगम का मिला सराहनीय सहयोग
अहमदाबाद नगर निगम (AMC) ने चर्च ऑफ गॉड के इस सेवा कार्य का पुरज़ोर स्वागत किया। नगर निगम प्रशासन द्वारा इस वृहद वृक्षारोपण अभियान को सफल बनाने के लिए आवश्यक पौधे, खाद और तकनीकी उपकरण उपलब्ध कराकर महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया गया।
'माता का हृदय' लेकर चल रहा है वैश्विक अभियान
गौरतलब है कि ‘आशा का वन’ अभियान संस्था की व्यापक ‘मातृ पृथ्वी’ पुनर्स्थापन पहल का एक मुख्य हिस्सा है। यह पहल जलवायु आपदाओं और पर्यावरणीय क्षति से कमजोर हुए पृथ्वी के पारिस्थितिकी तंत्र और स्थानीय समुदायों की पुनर्स्थापन क्षमता को मजबूत करने तथा जीवन से भरपूर पृथ्वी को पुनर्स्थापित करने के लिए ‘माता का हृदय’ (मदर्स हार्ट) के साथ किया जाने वाला एक सामूहिक वैश्विक कार्य है।
चर्च ऑफ गॉड ने अब तक भारत के गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, सिक्किम और पंजाब आदि कई राज्यों में ‘आशा का वन’ अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण में अमूल्य योगदान दिया है।
विविध सामाजिक क्षेत्रों में अग्रणी है संस्था
चर्च ऑफ गॉड की सामाजिक योगदान संबंधी गतिविधियां केवल पर्यावरण तक ही सीमित नहीं हैं। संस्था द्वारा समय-समय पर ‘पूरे विश्व में फसह का प्रेम, जीवन का प्रेम रक्तदान रिले’ के माध्यम से अस्पतालों में रक्त की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित की जाती है। इसके साथ ही, बाढ़ और आग से प्रभावित आपदा पीड़ितों की सहायता, प्राइमरी स्कूलों में शिक्षा सामग्री का वितरण, बाल-देखभाल केंद्रों, अनाथालयों, फायर स्टेशनों और पुलिस स्टेशनों के दौरों के माध्यम से समाज के हर वर्ग को स्नेहपूर्वक सहारा दिया जाता है।
इन उत्कृष्ट और मानवीय कार्यों के लिए संस्था को महाराष्ट्र के सामाजिक न्याय और विशेष सहायता मंत्री, छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री, मुंबई, अहमदनगर और वसई-विरार के महापौरों तथा भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी की अहमदाबाद शाखा के अध्यक्ष आदि द्वारा प्रशस्ति पत्र और आभार पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जा चुका है।
एक नज़र: चर्च ऑफ गॉड वर्ल्ड मिशन सोसाइटी
चर्च ऑफ गॉड, दुनिया भर के 175 देशों के 7,800 से अधिक क्षेत्रों में स्थापित एक प्रतिष्ठित वैश्विक चर्च है, जिसके 40 लाख से अधिक विश्वासी बाइबल के अनुसार पिता परमेश्वर और माता परमेश्वर पर विश्वास करते हैं। मसीह की शिक्षा "अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रखो" को अपनाते हुए चर्च ने छह प्रमुख क्षेत्रों (जलवायु परिवर्तन, गरीबी-भुखमरी उन्मूलन, शिक्षा समर्थन, स्वास्थ्य संवर्धन, सुरक्षित समाज निर्माण, तथा शांति व एकता) में लगभग 50,000 सामाजिक सेवा गतिविधियां संचालित की हैं।
वैश्विक विकास में इस अद्वितीय योगदान के लिए संस्था को अमेरिका, कोरिया और ब्रिटेन की सरकारों से राष्ट्रपति व रानी के स्वयंसेवा पुरस्कार सहित विभिन्न देशों से 6,200 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं।
प्रकाशन: इंडिया की सोच बुलंद न्यूज़ 🚩



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